BPSC-AEDO परीक्षा में बड़ा खुलासा: मास्टरमाइंड अतुल राज गिरफ्तार, पेपर लीक और धांधली के सिंडिकेट का पर्दाफाश

BPSC-AEDO परीक्षा में बड़ा खुलासा: मास्टरमाइंड अतुल राज गिरफ्तार, पेपर लीक और धांधली के सिंडिकेट का पर्दाफाश

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुचिता को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। राज्य की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने हाल ही में संपन्न हुई BPSC-AEDO (असिस्टेंट एजुकेशन डेवलपमेंट ऑफिसर) और स्वच्छता पदाधिकारी परीक्षा में हुई भारी धांधली और पेपर लीक मामले में मुख्य साजिशकर्ता व मास्टरमाइंड अतुल राज पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। इस सनसनीखेज खुलासे ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के बीच हड़कंप मचा दिया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती पड़ताल में यह बात सामने आई है कि यह पूरा सिंडिकेट परीक्षा केंद्रों को मैनेज करने और साल्वर गैंग की मदद से परीक्षा की पवित्रता को तार-तार कर रहा था।

बायोमीट्रिक ऑपरेटर की आड़ में चल रहा था पूरा खेल

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का मुख्य मास्टरमाइंड अतुल राज पांडेय परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी व्यवस्था संभालने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। वह पहले भी उन कंपनियों के साथ काम कर चुका था जो परीक्षा केंद्रों पर जैमर, बायोमीट्रिक सिस्टम और मानव बल (मैनपावर) की आपूर्ति करती थीं। इसी अनुभव और पहुंच का फायदा उठाकर उसने परीक्षा केंद्रों के भीतर अपने लोगों को सेट किया था। पटना के एएन कॉलेज और अन्य परीक्षा केंद्रों पर जब बायोमीट्रिक जांच और उत्तरपुर्जा के आदान-प्रदान के दौरान गड़बड़ी पकड़ी गई, तो कड़ियों से कड़ियां जुड़ती चली गईं और अंततः इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो गया।

कैसे हुआ धांधली का खुलासा और साल्वर गैंग की भूमिका

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब परीक्षा के दौरान एक अभ्यर्थी को उत्तर पर्ची के साथ पकड़ा गया। जांच को आगे बढ़ाया गया तो बायोमीट्रिक स्टाफ और अन्य सहयोगियों के तार सीधे अतुल राज से जुड़ गए। आरोपी के और उसके सहयोगियों के मोबाइल फोन से ऐसे कई डिजिटल सबूत और दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जो यह साबित करते हैं कि परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक करने और केंद्रों पर नकल कराने की गहरी साजिश रची गई थी। EOU की पूछताछ में मास्टरमाइंड ने कई ऐसे ठिकानों और लोगों के नाम भी उजागर किए हैं, जहां बैठकर प्रश्नों को हल किया जाता था और सॉल्वर गैंग के जरिए अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए जाते थे।

सरकार और आयोग का कड़ा रुख, परीक्षाओं को किया गया रद्द

इस तरह की व्यापक धांधली और पेपर लीक की घटनाओं सामने आने के बाद बिहार लोक सेवा आयोग और प्रशासनिक तंत्र ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले इस सिंडिकेट की गतिविधियों को देखते हुए संबंधित परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है ताकि मेधावी और ईमानदार छात्रों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो। सरकार द्वारा बनाए गए नए और सख्त कानून 'द पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट' के तहत इस मामले में शामिल सभी आरोपियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जिसमें लंबी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

आगे की जांच और नेटवर्क के अन्य चेहरों की तलाश

मास्टरमाइंड अतुल राज की गिरफ्तारी के बाद आर्थिक अपराध इकाई अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य स्लीपर सेल और मददगारों की धरपकड़ में जुट गई है। यह जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क की पहुंच आयोग के भीतर या अन्य प्रशासनिक स्तरों तक कहां-कहां तक थी। इस बड़ी कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं में हड़कंप मच गया है, वहीं दूसरी ओर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने मांग की है कि ऐसे गिरोहों को संरक्षण देने वाले बड़े चेहरों को भी बेनकाब किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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