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बिहार चुनाव में बड़ा धमाका! हवेली खड़गपुर के मुख्य पार्षद प्रभु शंकर पर दर्ज हुई FIR

बिहार के सियासी गलियारों से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रभु शंकर की मुश्किलें अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। चुनाव के दौरान अपनी जानकारियां छिपाने के एक गंभीर मामले में मुख्य पार्षद के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। इस कार्रवाई के बाद से ही पूरे इलाके की राजनीति में हड़कंप मच गया है और विपक्ष को बैठे-बिठाए सरकार और मुख्य पार्षद को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है।

नामांकन पत्र में गंभीर जानकारियां छिपाने का है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य पार्षद प्रभु शंकर पर यह कानूनी गाज नगर निकाय चुनाव के समय दाखिल किए गए उनके नामांकन पत्र (Affidavit) को लेकर गिरी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव लड़ते समय निर्वाचन आयोग को दिए गए शपथ पत्र में कई महत्वपूर्ण और कानूनी तथ्यों को जानबूझकर छिपाया। नियमों के मुताबिक चुनाव लड़ रहे हर उम्मीदवार को अपने आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति और अन्य जरूरी जानकारियां पूरी तरह साफ-साफ देनी होती हैं, लेकिन मुख्य पार्षद पर इन नियमों की अनदेखी करने का संगीन आरोप लगा है।

जांच के बाद प्रशासन ने उठाया सख्त कदम, दर्ज हुई प्राथमिकी

यह मामला तब तूल पकड़ा जब मुख्य पार्षद द्वारा तथ्यों को छिपाए जाने की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद निर्वाचन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे मामले की अंदरूनी जांच करवाई। शुरुआती जांच में आरोपों को सही पाते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया और बिना कोई ढील दिए मुख्य पार्षद प्रभु शंकर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दे दिए। इसके बाद खड़गपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी गई है।

खड़गपुर की राजनीति में आया भूचाल, कुर्सी पर मंडराया संकट

थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की खबर जैसे ही आम हुई, हवेली खड़गपुर के राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई। इस कार्रवाई के बाद अब मुख्य पार्षद प्रभु शंकर की कुर्सी पर भी कानूनी संकट मंडराने लगा है। स्थानीय लोग और राजनीतिक विश्लेषक अब इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि क्या इस एफआईआर के बाद प्रभु शंकर को अपने पद से हाथ धोना पड़ेगा या वह अदालत से इस मामले में कोई राहत पाने में कामयाब रहेंगे। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में मुख्य पार्षद की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।

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