RJD को 'B' फैक्टर का बड़ा झटका? तेजस्वी का साथ छोड़ अब किस पार्टी का दामन थामेंगे मृत्युंजय तिवारी
बिहार की सियासत में इन दिनों शह और मात का खेल चरम पर है। इसी बीच मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खेमे से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव की रणनीतियों को झकझोर कर रख दिया है। आरजेडी के सबसे मुखर चेहरे, कद्दावर नेता और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी (Mrityunjay Tiwari) को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। खबर है कि आरजेडी के इस मजबूत 'B' फैक्टर यानी ब्राह्मण चेहरे के जाने से पार्टी को बड़ा संगठनात्मक और सामाजिक झटका लगा है। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ बेहद खास तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जो मृत्युंजय तिवारी के अगले राजनीतिक कदम की ओर एक बहुत बड़ा और साफ इशारा कर रही हैं।
आरजेडी के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी क्यों हैं बेहद खास?
मृत्युंजय तिवारी को बिहार की राजनीति में एक बेहद सुलझा हुआ और आक्रामक वक्ता माना जाता है। टीवी डिबेट्स से लेकर जमीनी सभाओं तक, उन्होंने हर मुश्किल वक्त में आरजेडी और लालू-तेजस्वी परिवार का पूरी मजबूती के साथ बचाव किया है। पार्टी के भीतर उन्हें सवर्णों, खासकर ब्राह्मण समाज (Brahmin Factor) को जोड़ने वाले एक बड़े और कद्दावर नेता के रूप में देखा जाता था। उनके जाने से आरजेडी के 'माय-बाप' (MY-BAAP) समीकरण, जिसमें वे सवर्णों को जोड़ने का दावा कर रहे थे, को बहुत बड़ा झटका लगा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तिवारी की कमी को पूरा करना तेजस्वी यादव के लिए आसान नहीं होने वाला है।
इन वायरल तस्वीरों में छुपा है अगला सियासी कदम, किस पार्टी में जाने की है तैयारी?
इस समय पटना से लेकर दिल्ली के राजनीतिक हलकों में सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि 'मृत्युंजय तिवारी अब किस पार्टी में जाएंगे?' इस सवाल का जवाब हाल ही में वायरल हुई कुछ हाई-प्रोफाइल तस्वीरों में छिपा हुआ दिखाई दे रहा है। तस्वीरों में मृत्युंजय तिवारी विपक्षी खेमे के कुछ बेहद शीर्ष और असरदार नेताओं के साथ बेहद खुशनुमा माहौल में गुफ्तगू करते नजर आ रहे हैं। सियासी पंडितों का दावा है कि तिवारी की बातचीत भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) दोनों के ही बड़े रणनीतिकारों से चल रही है। हालांकि, सबसे ज्यादा कयास उनके एनडीए (NDA) गठबंधन के किसी बड़े दल में शामिल होने के लगाए जा रहे हैं, जहां उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी या चुनावी टिकट भी मिल सकता है।
तेजस्वी यादव और आरजेडी खेमे में मची भारी खलबली, डैमेज कंट्रोल की कोशिशें तेज
जैसे ही मृत्युंजय तिवारी के आरजेडी छोड़ने और नई पार्टी में जाने की खबरें आम हुईं, वैसे ही तेजस्वी यादव के करीबी रणनीतिकार तुरंत डैमेज कंट्रोल मोड में आ गए हैं। पार्टी के कई बड़े नेता अंदरखाने मृत्युंजय तिवारी को मनाने और उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिशों में जुट गए हैं। लेकिन सूत्रों का कहना है कि बात अब मान-मनौव्वल के दौर से काफी आगे निकल चुकी है। तिवारी अपने राजनीतिक भविष्य और सम्मान को लेकर कोई बड़ा समझौता करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। बिहार की स्थानीय राजनीति में इसे आरजेडी के सवर्ण वोट बैंक पर एक बड़ी सेंधमारी के रूप में देखा जा रहा है।
क्या आगामी चुनावों में पड़ेगा आरजेडी के वोट बैंक पर सीधा असर?
बिहार में आने वाले समय में होने वाले राजनीतिक बदलावों और चुनावों के लिहाज से मृत्युंजय तिवारी का यह फैसला बेहद गेम-चेंजिंग साबित हो सकता है। यदि वे एनडीए खेमे में शामिल होते हैं, तो इससे न केवल भाजपा-जदयू गठबंधन को मजबूती मिलेगी, बल्कि आरजेडी के खिलाफ आक्रामक माहौल बनाने में भी मदद मिलेगी। मृत्युंजय तिवारी के पास मीडिया को संभालने और विपक्ष के हमलों को बेअसर करने का लंबा अनुभव है, जिसका सीधा फायदा उनकी नई पार्टी को मिलना तय है। अब देखना यह होगा कि तिवारी अपनी नई सियासी पारी का आधिकारिक ऐलान कब और किस भव्य मंच से करते हैं।