Bihar Rajya Sabha Election : पिछड़ने के बाद भी कैसे जीते BJP के शिवेश राम? RJD के एडी सिंह की बढ़त धरी की धरी रह गई
News India Live, Digital Desk: बिहार राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजनीति आंकड़ों के साथ-साथ सटीक रणनीति का खेल है। बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए हुए दंगल में NDA ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी पांचों सीटों पर कब्जा जमा लिया है। लेकिन सबसे दिलचस्प मुकाबला पांचवीं सीट के लिए रहा, जहां भाजपा के शिवेश राम ने हारी हुई बाजी को 'सेकंड प्रेफरेंस' (द्वितीय वरीयता) के वोटों के दम पर अपने नाम कर लिया।
RJD की शुरुआती बढ़त, फिर हुआ 'खेला'
पहले चरण की गिनती में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार एडी सिंह ने मजबूत पकड़ बनाई थी। उन्हें प्रथम वरीयता के 37 वोट मिले थे, जबकि भाजपा के शिवेश राम को केवल 30 वोट ही हासिल हुए। आरजेडी खेमे में जश्न की तैयारी थी क्योंकि एडी सिंह 700 वोट वैल्यू (तकनीकी रूप से 7 विधायकों के वोट के बराबर) की बढ़त बनाए हुए थे।
जीत के लिए जरूरी जादुई आंकड़ा 41 का था, जिसे दोनों में से कोई भी उम्मीदवार पहले राउंड में छू नहीं सका।
सेकंड प्रेफरेंस ने बदली किस्मत
जब किसी उम्मीदवार को जरूरी कोटा नहीं मिलता, तब दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती होती है। यहीं पर NDA की रणनीति काम आई।
NDA की एकजुटता: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नितिन नवीन और उपेंद्र कुशवाहा जैसे दिग्गज नेताओं के पास कोटे से ज्यादा वोट थे।
वोटों का ट्रांसफर: एनडीए के अन्य विजेताओं के 'सरप्लस' (अतिरिक्त) वोट दूसरी वरीयता के रूप में शिवेश राम के खाते में चले गए।
विपक्ष में सेंधमारी: वोटिंग के दौरान विपक्षी महागठबंधन के 4 विधायक (3 कांग्रेस और 1 RJD) अनुपस्थित रहे, जिससे RJD का समीकरण पूरी तरह बिगड़ गया।
अंततः, दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद शिवेश राम ने 4,202 वोट वैल्यू हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि एडी सिंह 3,700 पर ही सिमट गए।
इन दिग्गजों ने भी मारी बाजी
शिवेश राम के अलावा NDA की ओर से नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा ने भी शानदार जीत हासिल की। बिहार की राजनीति में इसे तेजस्वी यादव और महागठबंधन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि संख्या बल करीब होने के बावजूद वे एक भी सीट नहीं जीत सके।