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March 17 2026 12:09 pm

Bihar Rajya Sabha Election : फोन बंद और विधायक गायब कांग्रेस के 2 विधायकों ने बढ़ाई तेजस्वी की टेंशन

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News India Live, Digital Desk: बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए हो रहे मतदान के दौरान कांग्रेस खेमे में बड़ी हलचल देखी जा रही है। मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद, फारबिसगंज से मनोज विश्वास और वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा के मतदान के लिए विधानसभा न पहुँचने पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, कांग्रेस विधायक कमरूल होदा ने इन अटकलों को खारिज करते हुए एक अजीबो-गरीब सफाई दी है।

कमरूल होदा की सफाई: "लोग परेशान कर रहे होंगे"

जब पत्रकारों ने कमरूल होदा से गायब विधायकों के बारे में पूछा, तो उन्होंने बहुत ही बेबाकी से जवाब दिया:

रास्ते में हैं सब: होदा ने दावा किया कि कोई भी विधायक गायब नहीं है और सभी संपर्क में हैं। वे बस रास्ते में हैं और 4 बजे तक अपना वोट डाल देंगे।

फोन बंद करने की वजह: विधायकों के फोन बंद होने पर उन्होंने कहा, "लोग उन्हें बार-बार फोन करके परेशान (Disturb) कर रहे होंगे, इसलिए शायद उन्होंने अपने फोन बंद कर लिए होंगे या नंबर बदल लिया होगा। यह एक सामान्य बात है।"

जीत का भरोसा: उन्होंने जोर देकर कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उनके उम्मीदवार एडी सिंह (AD Singh) की जीत 100% सुनिश्चित है।

महामहागठबंधन में 'होटल पॉलिटिक्स' और डर

क्रॉस वोटिंग के डर से महागठबंधन (RJD और कांग्रेस) ने अपने विधायकों को पटना के एक निजी होटल में ठहराया था।

गायब विधायकों की लिस्ट: मनोहर प्रसाद, मनोज विश्वास और सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा के अलावा राजद के ढाका से विधायक फैसल अली के भी अब तक मतदान के लिए न पहुँचने की खबर है।

NDA का दावा: दूसरी ओर, एनडीए (NDA) के नेता इसे महागठबंधन में 'टूट' का संकेत बता रहे हैं। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि विपक्ष के विधायक अपनी ही पार्टी से नाराज हैं और वे प्रधानमंत्री मोदी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर एनडीए के पक्ष में वोट कर सकते हैं।

क्या है जीत का समीकरण?

बिहार में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत है।

NDA: एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जिससे वे 4 सीटें आसानी से जीत सकते हैं और 5वीं सीट के लिए उन्हें बस कुछ ही वोटों की जरूरत है।

महागठबंधन: विपक्षी खेमे के पास कुल 41 के आसपास वोट (RJD, कांग्रेस, वामदल, AIMIM और BSP को मिलाकर) होने का दावा है, जो एक सीट के लिए पर्याप्त हैं। अगर 2-3 विधायक भी गायब रहते हैं, तो विपक्ष की यह सीट खतरे में पड़ सकती है।