Bihar Portfolio Allocation : नीतीश ने अपनी कोर टीम को सौंपा बिहार का जिम्मा शिक्षा अब सुनील कुमार के पास
News India Live, Digital Desk: बिहार में सरकार बनने के बाद जिस घड़ी का सबको इंतज़ार था, वो आ गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों (Portfolios) का बंटवारा कर दिया है। अगर आप जेडीयू (JDU) के मंत्रियों की लिस्ट को गौर से देखेंगे, तो समझ आएगा कि नीतीश कुमार ने एक बहुत ही सधा हुआ 'मास्टरस्ट्रोक' खेला है। उन्होंने विकास और जनता से सीधे जुड़े विभागों की चाबी अपनी पार्टी के भरोसेमंद सिपाहियों के हाथ में ही रखी है।
आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि जेडीयू के किस दिग्गज को कौन सा मोर्चा संभालने को मिला है।
1. शिक्षा विभाग पर सबसे बड़ा फैसला (Education)
बिहार में शिक्षा और शिक्षकों का मुद्दा सबसे गरम रहता है। नीतीश कुमार ने इस बार यह जिम्मेदारी पूर्व आईपीएस अधिकारी और अपनी पार्टी के कद्दावर नेता सुनील कुमार (Sunil Kumar) को दी है। अब बिहार की शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने का जिम्मा इन्हीं के कंधों पर होगा।
2. जल और संसद दोनों विजय चौधरी के पास
नीतीश कुमार के सबसे करीबी और रणनीतिकार माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी को एक बार फिर हैवीवेट विभाग मिले हैं। वे जल संसाधन विभाग (Water Resources) संभालेंगे। इसके साथ ही विधानसभा में सरकार का पक्ष रखने के लिए संसदीय कार्य विभाग भी उन्हीं के पास रहेगा। यानी सदन से लेकर खेत के पानी तक, विजय चौधरी की भूमिका अहम होगी।
3. बिजली अभी भी 'दादा' के पास
जेडीयू के सबसे सीनियर नेता विजेंद्र प्रसाद यादव का रुतबा बरकरार है। उन्हें ऊर्जा विभाग (Energy) की जिम्मेदारी फिर से मिली है। बिहार में बिजली सुधार का सेहरा इन्हीं के सिर बांधा जाता है। इसके साथ ही वे योजना एवं विकास विभाग भी देखेंगे।
4. अशोक चौधरी बनाएंगे गांव की सड़कें
पार्टी के तेज-तर्रार नेता अशोक चौधरी को ग्रामीण कार्य विभाग (Rural Works Department) दिया गया है। यह विभाग इसलिए जरूरी है क्योंकि मुख्यमंत्री की 'टोला संपर्क योजना' और गांव की सड़कों का काम इसी के तहत आता है। नीतीश ने यह विभाग देकर साफ कर दिया है कि ग्रामीण इलाके उनकी प्राथमिकता में हैं।
5. श्रवण कुमार और लेसी सिंह का जिम्मा
नालंदा से आने वाले और सीएम के पुराने साथी श्रवण कुमार हमेशा की तरह ग्रामीण विकास विभाग (Rural Development) की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, सीमांचल की धाकड़ नेत्री लेसी सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (Food & Consumer Protection) मिला है। राशन वितरण और जनवितरण प्रणाली (PDS) का काम इनके ही जिम्मे होगा।
6. समाज के हर वर्ग को साधने की कोशिश
- मदन सहनी को समाज कल्याण विभाग (Social Welfare) दिया गया है, जो वृद्धावस्था पेंशन और आंगनबाड़ी जैसे कार्यों को देखता है।
- पार्टी के अल्पसंख्यक चेहरे मो. जमा खान (Jama Khan) को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
- रत्नेश सदा को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग सौंपा गया है।
कुल मिलाकर, विभागों की इस लिस्ट से साफ़ है कि नीतीश कुमार ने 'सात निश्चय' और बुनियादी सुविधाओं (बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा) वाले विभाग अपने पास (JDU कोटे में) रखकर यह सन्देश दिया है कि "सुशासन" का रिमोट कंट्रोल उन्हीं के हाथ में रहेगा। अब देखना होगा कि ये मंत्री जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।