Bihar politics : जब पटना की सड़कें बन गईं जंग का मैदान, आपस में भिड़े बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता
News India Live, Digital Desk: राजनीति में असहमति और बहस तो आम बात है, लेकिन जब यही बहस सड़क पर लाठी-डंडों की लड़ाई में बदल जाए तो मामला गंभीर हो जाता है। बिहार की राजधानी पटना में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर माहौल इतना गरमा गया कि बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए।
कांग्रेस दफ्तर के बाहर क्यों शुरू हुआ हंगामा?
यह पूरा विवाद एक बयान से शुरू हुआ। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस के किसी नेता ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसी बात से नाराज़ होकर, बीजेपी के कार्यकर्ता अपना विरोध जताने के लिए पटना के सदाकत आश्रम पहुँच गए, जो कि कांग्रेस पार्टी का प्रदेश मुख्यालय है। वे कांग्रेस के खिलाफ नारे लगा रहे थे और माफी की मांग कर रहे थे।
नारेबाजी से शुरू हुई बात, लाठी-डंडों तक जा पहुँची
शुरुआत में तो यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन लग रहा था, लेकिन जैसे ही कांग्रेस दफ्तर के अंदर से भी कार्यकर्ता बाहर निकल आए, स्थिति बदल गई। दोनों तरफ से तीखी नोकझोंक और नारेबाजी शुरू हो गई। देखते ही देखते बात इतनी बिगड़ गई कि दोनों पार्टियों के लोग आपस में भिड़ गए। जो हाथ कुछ देर पहले झंडे उठाए हुए थे, अब वे एक-दूसरे पर लाठियां भांज रहे थे। सदाकत आश्रम के बाहर का नज़ारा किसी जंग के मैदान जैसा लग रहा था।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
सड़क पर बढ़ते इस बवाल की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को भी हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर और सख्ती दिखाकर अलग किया, तब जाकर यह हंगामा शांत हुआ।
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राजनीतिक भाषा का स्तर कितना नीचे गिरता जा रहा है और कैसे अब कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर एक-दूसरे से लड़ने को तैयार हैं। यह बिहार की राजनीति के लिए एक चिंता का विषय है