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March 26 2026 08:16 pm

Bihar Politics : गिरधारी यादव की सांसदी पर तलवार JDU ने लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा नोटिस

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News India Live, Digital Desk: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अपने ही सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बांका से सांसद गिरधारी यादव पर 'पार्टी विरोधी गतिविधियों' में शामिल होने का आरोप लगाते हुए जेडीयू के संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामैत ने लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) को उनकी सदस्यता समाप्त करने के लिए औपचारिक नोटिस सौंप दिया है। इस कदम के बाद बिहार के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है और कयास लगाए जा रहे हैं कि गिरधारी यादव की सांसदी किसी भी वक्त जा सकती है।

बेटे की बगावत और EVM पर बयान बना गले की हड्डी सांसद गिरधारी यादव पिछले काफी समय से अपनी ही पार्टी की आंखों की किरकिरी बने हुए थे। विवाद की शुरुआत तब हुई जब उनके बेटे चाणक्य प्रकाश ने पिता की पार्टी (JDU) के खिलाफ जाकर आरजेडी (RJD) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। आरोप है कि गिरधारी यादव ने पर्दे के पीछे से अपने बेटे की मदद की। इसके अलावा, जुलाई 2025 में उन्होंने ईवीएम (EVM) को लेकर सार्वजनिक मंच से विवादित बयान दिया था, जो जेडीयू की आधिकारिक नीति के बिल्कुल विपरीत था। पार्टी ने इसे 'अनुशासनहीनता' करार देते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था।

"मैं लोकसभा अध्यक्ष को जवाब दूंगा" – गिरधारी यादव अपनी सदस्यता पर मँडराते खतरे के बीच गिरधारी यादव ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "मुझे नहीं पता कि दिलेश्वर कामैत ने क्या कहा है, लेकिन मेरे पास किसी भी पार्टी विरोधी गतिविधि का कोई रिकॉर्ड नहीं है। अगर लोकसभा अध्यक्ष मुझसे सवाल करेंगे, तो मैं उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करूँगा।" गिरधारी यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके बेटे के स्वतंत्र फैसलों के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना लोकतांत्रिक रूप से गलत है।

दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) की जद में मामला राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जेडीयू ने यह कदम बेहद सोच-समझकर उठाया है। यदि यह साबित हो जाता है कि गिरधारी यादव ने स्वेच्छा से अपनी पार्टी की विचारधारा छोड़ी है या पार्टी के खिलाफ काम किया है, तो संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है। जेडीयू का दावा है कि उनके पास सांसद के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, जिनमें उनके द्वारा विपक्षी गठबंधन (INDIA) के पक्ष में किए गए गुप्त प्रचार के साक्ष्य शामिल हैं।

नीतीश कुमार के दोबारा अध्यक्ष बनने के बाद 'क्लीन स्वीप' अभियान हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निर्विरोध जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद पार्टी के भीतर अनुशासन को लेकर कड़े फैसले लिए जा रहे हैं। गिरधारी यादव पर की गई यह कार्रवाई एक संदेश है कि पार्टी में रहकर बगावत करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। अब सबकी नजरें लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर टिकी हैं, जो इस हाई-प्रोफाइल मामले में अंतिम निर्णय लेंगे।