Bihar Politics : दो शहजादों पर PM मोदी का सबसे बड़ा हमला, बोले- ये कर्पूरी ठाकुर की उपाधि चुराना चाहते हैं
News India Live, Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की धरती से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा हमला बोला है। दोनों को "दो शहजादे" बताते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि ये दोनों नेता मिलकर बिहार के गौरव और सामाजिक न्याय के सबसे बड़े प्रतीक, जननायक कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनकी 'जननायक' की उपाधि को चुराने की नापाक कोशिश कर रहे हैं।
"एक दिल्ली के शहजादे, दूसरे पटना के"
एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने परिवारवाद की राजनीति पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा, "जननायक का पद कर्पूरी ठाकुर जी ने अपनी मेहनत, तपस्या और गरीबों के लिए संघर्ष करके कमाया था, उन्हें यह विरासत में नहीं मिला था। लेकिन आज देखिए, दो शहजादे... एक दिल्ली के और एक पटना के... मिलकर उस महान व्यक्ति की उपाधि को भी छीनना चाहते हैं।"
पीएम मोदी ने कहा कि इन नेताओं ने कभी कर्पूरी ठाकुर का सम्मान नहीं किया, लेकिन आज जब हमारी सरकार ने कर्पूरी जी को भारत रत्न देकर उनका सबसे बड़ा सम्मान किया है, तो इन्हें भी कर्पूरी ठाकुर याद आने लगे हैं।
"परिवारवादी लोग गरीबों का दर्द नहीं समझ सकते"
प्रधानमंत्री ने खुद को "गरीब मां का बेटा" बताते हुए कहा कि वे गरीबों का दर्द समझते हैं, लेकिन परिवारवादी नेता कभी गरीबों की तकलीफों को महसूस नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों का एक ही एजेंडा है - अपने परिवार को बचाना और अपनी सत्ता कायम रखना। इन्हें देश के गरीबों और युवाओं के भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
पीएम मोदी ने आगे कहा, "जो लोग जन्म से ही सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, वे क्या जानें कि गरीबी क्या होती है। उनका पूरा जीवन अपने परिवार को बचाने और भ्रष्टाचार को छिपाने में ही निकल जाता है।"
इमरजेंसी की मानसिकता का लगाया आरोप
पीएम मोदी यहीं नहीं रुके। उन्होंने कांग्रेस और आरजेडी की मानसिकता को "इमरजेंसी वाली मानसिकता" बताया और आरोप लगाया कि ये लोग संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा कि जब भी कोई एजेंसी भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो ये लोग उसे धमकाने लगते हैं।
प्रधानमंत्री का यह बयान बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी दांव माना जा रहा है, जिसका सीधा मकसद कर्पूरी ठाकुर की विरासत पर अपना दावा मजबूत करना और परिवारवाद के मुद्दे पर विपक्ष को घेरना है।