Bihar Politics : नीतीश कुमार ने सौंपी जिम्मेदारी, चिराग के खेमे में आई मिठास और जेडीयू को मिला पानी
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जो अटकलें चल रही थीं, उन पर अब पूर्णविराम लग गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने अपनी टीम के नए मंत्रियों को काम बांट दिया है। जब भी बिहार में मंत्रालय बंटते हैं, तो सिर्फ विभाग नहीं बंटते, बल्कि आने वाले चुनाव का समीकरण सेट किया जाता है। और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है।
आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि किस नेता के कंधे पर कौन सी जिम्मेदारी डाली गई है और इसके मायने क्या हैं।
संजय पासवान को मिली 'गन्ना' मंत्रालय की कमान
सबसे बड़ी चर्चा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी चिराग पासवान की पार्टी को लेकर है। उनके कोटे से मंत्री बने संजय पासवान (Sanjay Paswan) को गन्ना उद्योग विभाग (Sugarcane Industry Ministry) की जिम्मेदारी दी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि यह विभाग पहले दिलीप जायसवाल के पास था (जो अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हैं)। उनके इस्तीफे के बाद यह खाली पड़ा था। चिराग पासवान के खेमे को यह मंत्रालय देकर नीतीश कुमार ने NDA गठबंधन में सब कुछ 'मीठा' रखने की कोशिश की है। गन्ना उद्योग बिहार के किसानों से जुड़ा एक अहम मुद्दा है, तो यह जिम्मेदारी काफी बड़ी है।
संजय सिंह संभालेंगे 'नल-जल' का जिम्मा (PHED)
दूसरी तरफ, जेडीयू (JDU) के कद्दावर नेता संजय सिंह (Sanjay Singh) को भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) का मंत्री बनाया गया है।
बिहार में 'हर घर नल का जल' नीतीश कुमार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना रही है, और यह इसी विभाग के अंतर्गत आता है। ऐसे में, अपने ही पार्टी के भरोसेमंद साथी को यह विभाग देकर सीएम ने साफ कर दिया है कि वो विकास कार्यों में कोई कोताही नहीं चाहते।
एक तीर से दो शिकार
राजनीतिक पंडित मान रहे हैं कि यह विभागों का बंटवारा सिर्फ़ प्रशासनिक नहीं, बल्कि 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी है।
- एक तरफ एलजेपी (आर) को महत्वपूर्ण विभाग देकर पासवान वोट बैंक को साधने की कोशिश है।
- दूसरी तरफ जेडीयू के पुराने और वफादार नेताओं को पावरफुल विभाग देकर संगठन को मजबूती दी गई है।
कुल मिलाकर, नीतीश कुमार ने अपनी नई टीम के साथ मैदान में फील्डिंग सजा दी है। अब देखना होगा कि 'गन्ना' और 'पानी' का यह मेल बिहार की राजनीति में क्या गुल खिलाता है।