Bihar Politics : नितिन नवीन का सस्पेंस खत्म विधायक पद से दिया इस्तीफा, बांकीपुर की जनता के नाम लिखा भावुक संदेश
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में मचे उथल-पुथल के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) ने सोमवार को अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। पटना की बांकीपुर सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे नितिन नवीन अब राज्यसभा में नई पारी की शुरुआत करेंगे। 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक नियमों के तहत उन्होंने आज बिहार विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी। उनके इस कदम के साथ ही बिहार भाजपा में एक नए युग की आहट सुनाई दे रही है।
बांकीपुर से 20 साल का सफर और आंखों में आंसू इस्तीफे के बाद नितिन नवीन ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए लिखा कि 2006 में पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद पार्टी ने उन्हें जिम्मेदारी सौंपी थी। तब से लेकर आज तक, बांकीपुर की जनता ने उन्हें परिवार के सदस्य की तरह प्यार दिया। नवीन ने कहा, "आज मैं विधायक पद छोड़ रहा हूं, लेकिन बांकीपुर की जनता और मेरे कार्यकर्ताओं के साथ मेरा अटूट रिश्ता हमेशा बना रहेगा।" उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का भी आभार व्यक्त किया, जिनके नेतृत्व में उन्हें मंत्री के रूप में सेवा करने का मौका मिला।
रविवार को टला इस्तीफा, आज हुआ फाइनल नितिन नवीन के इस्तीफे को लेकर रविवार सुबह से ही सस्पेंस बना हुआ था। विधानसभा सचिवालय ने सुबह 8:40 बजे इस्तीफे का समय तय किया था और विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार भी दिल्ली से पटना पहुँच गए थे। लेकिन अचानक कुछ अपरिहार्य कारणों और असम चुनाव प्रचार में व्यस्तता के चलते इस्तीफे का कार्यक्रम टल गया था। सोमवार सुबह पटना पहुँचते ही नितिन नवीन ने सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय में जाकर अपना त्यागपत्र सौंपा, जिससे सारी अटकलों पर विराम लग गया।
राज्यसभा में नई भूमिका और बिहार का भविष्य नितिन नवीन अब केंद्र की राजनीति में अहम भूमिका निभाएंगे। 10 अप्रैल को उनके राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने की संभावना है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नितिन नवीन का इस्तीफा और नीतीश कुमार का विधान परिषद छोड़ना, बिहार में बड़े 'सत्ता परिवर्तन' का संकेत है। भाजपा अब राज्य में अपने दम पर नेतृत्व करने की तैयारी में है, और नितिन नवीन जैसे अनुभवी नेता को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिलना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।