Bihar Politics Alert: क्या सम्राट चौधरी बनने जा रहे हैं सुपर पावर? बिहार के सियासी गलियारों में होम मिनिस्ट्री को लेकर चर्चा तेज़
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति को समझना टेढ़ी खीर है। यहाँ कब कौन दोस्त बन जाए और कब किसके हाथ से पावर निकल जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन पिछले कुछ दिनों से पटना से लेकर दिल्ली तक, एक ही नाम और एक ही सवाल सबकी जुबान पर है— सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary)।
बीजेपी के फायरब्रांड नेता और फिलहाल डिप्टी सीएम की कुर्सी संभाल रहे सम्राट चौधरी को लेकर खबरें उड़ रही हैं कि पार्टी उनका कद (Stature) और बढ़ाने वाली है। और यह कद कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि गृह विभाग (Home Ministry) का हो सकता है।
गृह मंत्रालय: असली 'पावर' की चाबी
बिहार में पिछले लंबे समय से गृह मंत्रालय, यानी पुलिस-प्रशासन का कंट्रोल, सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के पास रहा है। इसे 'मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार' माना जाता है। लेकिन अब चर्चा यह है कि बीजेपी इस विभाग को अपने कोटे में लेना चाहती है। और अगर यह विभाग बीजेपी के पास आया, तो इसे संभालने के लिए सम्राट चौधरी से बेहतर चेहरा कोई और नहीं माना जा रहा।
ऐसा क्यों हो रहा है चर्चा?
दरसल, बीजेपी बिहार में अब अपनी पकड़ को और मजबूत (Aggressive BJP Strategy) करना चाहती है। सम्राट चौधरी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं और उनकी छवि एक आक्रामक नेता की है। अपने बयानों और सिर पर बंधे मुरैठा (Turban) के कारण वो हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। माना जा रहा है कि 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी अपना 'पावर गेम' दिखाना चाहती है और कानून-व्यवस्था को एक बड़ा मुद्दा बनाकर चुनाव में जाना चाहती है।
अगर ऐसा हुआ तो क्या बदलेगा?
सोचिए, अगर पुलिस का कंट्रोल सम्राट चौधरी के हाथ में आ गया तो क्या होगा?
- प्रशासनिक फेरबदल: जिन अफसरों की पोस्टिंग सीएम ऑफिस से तय होती थी, वो फाइलें अब बीजेपी नेता के टेबल पर जाएंगी।
- सियासी संतुलन: नीतीश कुमार के लिए यह सहज स्थिति नहीं होगी, क्योंकि बिना 'पुलिस' के मुख्यमंत्री की पावर आधी मानी जाती है।
हालांकि, जेडीयू (JDU) इस बात के लिए इतनी आसानी से राजी होगी या नहीं, यह देखने वाली बात है। कुछ जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ बीजेपी का 'प्रेशर गेम' हो सकता है, तो कुछ का मानना है कि आलाकमान (High Command) ने मन बना लिया है।
बीजेपी में भी बढ़ा कद
भले ही गृह मंत्रालय मिले या न मिले, एक बात तो साफ़ है—बीजेपी अब बिहार में सम्राट चौधरी के चेहरे को ही सबसे आगे रख रही है। जिस तरह से पार्टी उन्हें प्रोमोट कर रही है, उससे साफ़ है कि आने वाले दिनों में बिहार बीजेपी में अगर कोई 'बिग बॉस' होगा, तो वो सम्राट ही होंगे।
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या वाकई सम्राट चौधरी 'गृह मंत्री' की कुर्सी पर बैठकर बिहार की पुलिसिंग को नया रूप देंगे, या यह सिर्फ सियासी गपशप बनकर रह जाएगी। पर कहते हैं न, धुंआ वहीं उठता है जहाँ आग लगी हो