Bihar Political Crisis : सुबह इस्तीफा शाम को शपथ, बिहार में 5 घंटे का वो सियासी खेल जो किसी ने नहीं समझा
News India Live, Digital Desk: Bihar Political Crisis : बिहार की राजनीति ने मंगलवार को एक ऐसी करवट ली, जिसे शायद ही कोई इतनी जल्दी भूल पाएगा। सुबह जो सरकार सत्ता में थी, शाम होते-होते उसका नामोनिशान मिट गया और एक नए गठबंधन की सरकार ने उसकी जगह ले ली। नीतीश कुमार एक बार फिर 'किंगमेकर' भी बने और 'किंग' भी।
अगर आप इस पूरे सियासी घटनाक्रम को समझने से चूक गए हैं, तो चलिए हम आपको 10 आसान स्टेप्स में बताते हैं कि कैसे कुछ ही घंटों के अंदर बिहार की पूरी राजनीतिक बिसात पलट गई।
1. पर्दे के पीछे की खिचड़ी
यह कहानी सुबह से नहीं, बल्कि पिछले कई दिनों से पक रही थी। दिल्ली से लेकर पटना तक बैठकों का दौर जारी था और गठबंधन बदलने की पटकथा लिखी जा रही थी।
2. जेडीयू विधायक दल की बैठक
मंगलवार सुबह सबसे पहले मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू (JDU) विधायक दल की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में सारे फैसले लेने का अधिकार नीतीश कुमार को दे दिया गया, जो एक तरह से गठबंधन तोड़ने का पहला आधिकारिक संकेत था।
3. बीजेपी और सहयोगियों का समर्थन पत्र
ठीक उसी समय, बीजेपी (BJP) के दफ्तर में भी हलचल तेज थी। यहां बीजेपी, चिराग पासवान की लोजपा (आर), जीतन राम मांझी की 'हम', और उपेंद्र कुशवाहा की 'रालोम' ने एक साथ बैठक की और नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार बनाने का समर्थन पत्र तैयार कर लिया। दिलचस्प बात यह है कि इस बार छोटे दलों ने भी अपने नेता जल्दी चुन लिए थे।
4. नीतीश का राजभवन कूच
दोपहर होते-होते तस्वीर साफ हो गई। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए राजभवन की ओर निकल पड़े।
5. पहला कदम: इस्तीफा
नीतीश कुमार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलकर अपनी पुरानी सरकार का इस्तीफा सौंप दिया। इसी के साथ बिहार में महागठबंधन की सरकार का औपचारिक रूप से अंत हो गया।
6. दूसरा कदम: नई सरकार का दावा
इस्तीफा सौंपने के ठीक बाद, नीतीश कुमार ने एनडीए के सभी सहयोगी दलों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंपा और एक बार फिर नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया।
7. राज्यपाल का निमंत्रण
एनडीए के पास बहुमत का आंकड़ा (128 विधायक) देखकर राज्यपाल ने नीतीश कुमार को नई सरकार बनाने का न्योता दिया।
8. शपथ ग्रहण की तैयारी
सरकार बनाने का दावा पेश होते ही राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गईं।
9. शपथ ग्रहण समारोह
शाम होते-होते नीतीश कुमार ने नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया रिकॉर्ड बना दिया।
10. नई सरकार का नया स्वरूप
नीतीश कुमार के साथ बीजेपी कोटे से दो उप-मुख्यमंत्री (सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा) ने भी शपथ ली। इसके अलावा 'हम' से जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन और निर्दलीय विधायक सुमित कुमार सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में, खासकर बिहार की राजनीति में, कुछ भी स्थायी नहीं है।