Bihar News : NDIA गठबंधन का नाम भूले हेमंत सोरेन, राहुल-तेजस्वी के सामने खड़गे को बता दिया UPA का नेता
News India Live, Digital Desk: पटना में सोमवार को सजी विपक्षी एकता की महफिल में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ एक अजीब वाकया हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते-बोलते उनकी जुबान ऐसी फिसली कि वह अपने नए नवेले गठबंधन 'INDIA' का नाम ही भूल गए और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पुराने गठबंधन 'UPA' का नेता बता दिया। मंच पर उस समय राहुल गांधी और तेजस्वी यादव समेत विपक्ष के तमाम दिग्गज नेता मौजूद थे।
UPA अभी दिल से गया नहीं?
मौका था महागठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा' के समापन समारोह का। हेमंत सोरेन जब भाषण देने के लिए खड़े हुए तो वह पूरे रौ में थे। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर गैर-बीजेपी शासित राज्यों को परेशान करने का आरोप लगाया। इसी दौरान, विपक्षी एकता की बात करते हुए वह बोल गए, "UPA के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे जी भी यहां मौजूद हैं।"
उनकी यह बात सुनकर मंच पर मौजूद कुछ नेता भी हैरान रह गए, क्योंकि सभी जानते हैं कि 2024 के चुनाव के लिए विपक्ष ने UPA को खत्म कर 'INDIA' (Indian National Developmental Inclusive Alliance) नाम से एक नया गठबंधन बनाया है। हेमंत सोरेन की इस भूल ने राजनीतिक गलियारों में एक नई चर्चा छेड़ दी है कि क्या नए गठबंधन का नाम अभी भी नेताओं के दिलो-दिमाग पर पूरी तरह चढ़ा नहीं है।
केंद्र सरकार पर जमकर निकाली भड़ास
हालांकि, इस छोटी सी भूल को अगर दरकिनार कर दें, तो हेमंत सोरेन ने अपने भाषण में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने अपनी हालिया गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इसलिए परेशान किया गया और जेल में डाला गया क्योंकि केंद्र सरकार नहीं चाहती कि एक आदिवासी का बेटा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा रहे।
उन्होंने कहा, "आज देश में लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश की जा रही है। जो भी भाजपा के खिलाफ बोलता है, उसके पीछे ED-CBI को लगा दिया जाता है। ये हमें डराना चाहते हैं, लेकिन हम झारखंडी हैं, डरने वाले नहीं, लड़ने वाले लोग हैं।" उन्होंने दावा किया कि 2024 के चुनाव में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी और इस "तानाशाही" सरकार को उखाड़ फेंकेगी।
हेमंत सोरेन का इस रैली में शामिल होना यह दिखाने के लिए काफी था कि INDIA गठबंधन के सहयोगी दल एक-दूसरे के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं, भले ही जुबान पर कभी-कभी पुराने दिनों की यादें ताजा हो जाती हों।