Bihar news : वोट चोरी के खिलाफ पटना में विपक्ष का हल्ला बोल, राहुल-तेजस्वी के नेतृत्व में उमड़ा जनसैलाब
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजधानी पटना सोमवार को विपक्षी एकता के एक बड़े शक्ति प्रदर्शन की गवाह बनी।[ कांग्रेस की 14 दिनों से चल रही 'वोटर अधिकार यात्रा' के समापन के मौके पर महागठबंधन (MGB) के तमाम दिग्गज नेता सड़क पर उतरे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी के तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हुए इस 'गांधी से अंबेडकर मार्च' में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए, जिससे पटना की सड़कें भर गईं।
'लोकतंत्र बचाने' का नारा, चुनाव आयोग पर निशाना
यह विशाल मार्च पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पटना हाईकोर्ट के पास स्थित अंबेडकर प्रतिमा तक पहुंचा। यात्रा का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के खिलाफ आवाज उठाना था। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया भाजपा के साथ मिलकर 'वोट चोरी' करने की एक साजिश है और इसके जरिए मतदाता सूची से लाखों लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।
मार्च के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा, “चुनाव आयोग की विश्वसनीयता खत्म हो गई है। भाजपा की वोट चोरी उजागर हो गई है। जनता उन्हें बिहार से हटा देगी।”
एक मंच पर दिखे INDIA गठबंधन के दिग्गज
इस मार्च की सबसे खास बात इसमें दिखी विपक्षी एकता थी। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ मंच पर CPI(ML) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, VIP के मुकेश साहनी समेत महागठबंधन के कई बड़े नेता मौजूद थे। इसके अलावा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और TMC सांसद यूसुफ पठान भी ममता बनर्जी के निर्देश पर इस यात्रा में शामिल होने पहुंचे, जिससे यह प्रदर्शन INDIA गठबंधन की एकजुटता का प्रतीक बन गया।
यह यात्रा 17 अगस्त को सासाराम से शुरू हुई थी और पिछले 14 दिनों में इसने राज्य के 25 जिलों की 110 विधानसभाओं में 1300 किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय किया। राहुल गांधी ने इस यात्रा को एक "क्रांति" बताया जो बिहार से शुरू हुई है और पूरे देश में फैलेगी।
मार्च में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता रात से ही गांधी मैदान में जुटने लगे थे और सुबह होते-होते पूरा इलाका विभिन्न पार्टियों के झंडों से पट गया। 'चोरी की सरकार' नहीं चलेगी जैसे नारों के साथ विपक्ष ने साफ कर दिया कि आने वाले विधानसभा चुनावों में 'वोटर अधिकार' एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है।