Bihar Government Scheme : बिहार में बिजली गुल होने का झंझट खत्म, सरकार लगा रही विशाल पावर बैंक

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News India Live, Digital Desk: Bihar Government Scheme :  सोचिए, तेज गर्मी में अचानक बिजली चली जाए और आपका इन्वर्टर भी जवाब दे दे। गुस्सा तो आएगा ही। बिहार के लोगों के लिए यह एक आम परेशानी रही है। लेकिन अब लगता है कि ये बीते दिनों की बात होने वाली है। बिहार सरकार एक ऐसा क्रांतिकारी कदम उठा रही है, जिसके बाद शायद आपको घर में इन्वर्टर लगाने की जरूरत ही न पड़े।

यह कोई सपना नहीं है। बिहार में बिजली को स्टोर करने के लिए एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। इसे आसान भाषा में आप एक विशाल "पावर बैंक" या बहुत शक्तिशाली इन्वर्टर समझ सकते हैं, जो आपके घर के लिए नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए होगा।

क्या है यह नई तकनीक और कैसे काम करेगी?

इस तकनीक का नाम है "बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम" (BESS)। इसके तहत, राज्य के 15 सबसे महत्वपूर्ण ग्रिड सब-स्टेशनों पर बड़ी-बड़ी बैटरियां लगाई जा रही हैं। जब बिजली की खपत कम होगी, तो इन बैटरियों को चार्ज किया जाएगा। और जैसे ही किसी इलाके में बिजली कटेगी या पीक आवर में लोड बढ़ेगा, ये बैटरियां तुरंत सप्लाई देना शुरू कर देंगी।

यह सिस्टम इतना पावरफुल होगा कि बिजली कटने की स्थिति में यह लगभग चार घंटे तक पूरे इलाके को बिजली दे सकता है। मतलब, जब तक आप यह पता करेंगे कि बिजली क्यों गई, तब तक तो वह वापस भी आ जाएगी और शायद आपको पता भी न चले।

किन शहरों को मिलेगा सबसे पहले फायदा?

इस प्रोजेक्ट के लिए पूरे बिहार में 15 ग्रिड सब-स्टेशनों को चुना गया है, जहाँ यह सिस्टम लगाया जाएगा। इनमें फतुहा, जहानाबाद, रफीगंज, सीवान, बांका, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, अष्ठावन, जमुई, मोतिहारी, बेतिया, भागलपुर, उदाकिशनगंज, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं। बिहार राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने इस काम को पूरा करने के लिए कई बड़ी कंपनियों के साथ समझौता किया है।

यह प्रोजेक्ट बिहार की बिजली व्यवस्था में एक नई क्रांति लाने जैसा है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी कहा है कि यह परियोजना राज्य के ऊर्जा ढांचे को एक नई दिशा देगी और लोगों को बिना रुकावट अच्छी क्वालिटी की बिजली मिलेगी। इस कदम से न सिर्फ बिजली कटौती की समस्या खत्म होगी, बल्कि पीक आवर्स में होने वाली बिजली की कमी से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।