Biggest Proof of identity: बिहार में जन्म प्रमाण पत्र के नए नियम जारी, जानिए कैसे मिलेगा अनुमोदन

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News India Live, Digital Desk: Biggest Proof of identity: बिहार में अब जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने जन्म प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से नए नियम लागू किए हैं। इन नए नियमों के अनुसार, यदि बच्चे का जन्म 1 साल से अधिक पुराना है, तो उसका जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब अनुमंडल पदाधिकारी (SDM - Sub-Divisional Magistrate) की स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। यह बदलाव 11 अप्रैल, 2023 से प्रभावी माने गए हैं।

पहले, अगर बच्चे का जन्म एक साल से ज्यादा हो चुका होता था, तो जन्म प्रमाण पत्र सीधे अस्पताल के अधीक्षक, सिविल सर्जन या मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य से ही बनवाया जा सकता था। हालांकि, अब इस प्रक्रिया में बदलाव करते हुए एसडीएम की मंजूरी को महत्वपूर्ण बना दिया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम फर्जी प्रमाण पत्रों पर लगाम लगाने और जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रमाण पत्र बनाने में कोई अनियमितता न हो और हर प्रमाण पत्र वैध हो।

इन नियमों के अनुसार, नवजात बच्चों के माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे बच्चे के जन्म के 21 दिनों के भीतर जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें। इस अवधि के भीतर आवेदन करने पर यह प्रक्रिया सहज और सरल होगी। यदि 21 दिनों से एक वर्ष के भीतर आवेदन किया जाता है, तो प्रमाण पत्र ग्राम पंचायत के मुखिया, वार्ड सदस्य, शहरी क्षेत्रों में नगर निगम या नगर पंचायत के अध्यक्ष या उप-अध्यक्ष जैसे अधिकारियों की लिखित सहमति से जारी किया जा सकेगा। लेकिन एक वर्ष से अधिक होने पर अब SDM की औपचारिक अनुमति आवश्यक होगी।

राज्य सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी संस्थानों जैसे सरकारी और निजी अस्पताल, और निजी नर्सिंग होम को जन्म और मृत्यु के पंजीकरण को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा। इसका उद्देश्य डेटा को सटीक और अद्यतन रखना है। इन नए नियमों से लोगों को थोड़ी परेशानी हो सकती है, खासकर उन लोगों को जिन्होंने अपने बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र समय पर नहीं बनवाया था, लेकिन यह कदम दस्तावेज़ों की प्रामाणिकता और सरकारी रिकॉर्ड की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है।