यूपी डीएलएड में बड़ा उलटफेर आधी सीटें रह गईं खाली, बाहरी राज्यों के युवाओं ने बढ़ाया क्रेज
News India Live, Digital Desk:उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षक बनने के आधारभूत कोर्स 'डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन' (D.El.Ed) को लेकर इस साल बेहद चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश के स्थानीय युवाओं का मोह इस कोर्स से भंग होता दिख रहा है और करीब आधी सीटें खाली पड़ी हैं, वहीं दूसरी ओर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों की दिलचस्पी ने सबको हैरान कर दिया है। इसी बीच स्कॉलरशिप पोर्टल में तकनीकी खामियों ने छात्रों की रातों की नींद उड़ा दी है।
खाली सीटों का संकट: यूपी के युवाओं में घटा रुझान
प्रदेश के निजी और सरकारी कॉलेजों में डीएलएड की सीटों को भरना इस बार विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आंकड़ों के मुताबिक, कुल आवंटित सीटों में से लगभग आधी सीटें अब भी खाली हैं। जानकारों का मानना है कि नई शिक्षक भर्तियों में देरी और रोजगार के सीमित अवसरों के चलते स्थानीय छात्रों का रुझान बीएड या अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज की ओर ज्यादा बढ़ा है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तो निजी कॉलेजों की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां गिने-चुने छात्रों ने ही प्रवेश लिया है।
बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों की एंट्री: बिहार और झारखंड से बढ़ी डिमांड
उत्तर प्रदेश के डीएलएड कॉलेजों के लिए राहत की खबर पड़ोसी राज्यों से आई है। इस बार बिहार, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों के युवाओं ने यूपी के डीएलएड कॉलेजों में बड़े पैमाने पर आवेदन किया है। बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का मानना है कि यूपी की ट्रेनिंग क्वालिटी और यहां की मेरिट आधारित प्रक्रिया उनके भविष्य के लिए बेहतर है। इस बढ़ते रुझान की वजह से कई कॉलेजों की रौनक बाहरी छात्रों के दम पर टिकी हुई है।
स्कॉलरशिप पोर्टल हुआ धड़ाम, छात्रों का बढ़ा तनाव
प्रवेश ले चुके छात्रों के सामने अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। उत्तर प्रदेश छात्रवृत्ति (Scholarship) का पोर्टल पिछले कई दिनों से तकनीकी समस्याओं के कारण सुचारू रूप से काम नहीं कर रहा है। छात्र जब अपना डेटा फीड करने या स्टेटस चेक करने की कोशिश कर रहे हैं, तो पोर्टल 'सर्वर एरर' दिखा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति ही फीस भरने का एकमात्र सहारा होती है, ऐसे में पोर्टल डाउन होने से हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।
छात्रों की मांग: आवेदन की तारीख बढ़ाने की गुहार
पोर्टल की खराबी और खाली सीटों को देखते हुए छात्र संगठन और कॉलेज प्रबंधन लगातार सरकार से आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि पोर्टल जल्द ठीक नहीं हुआ और आवेदन की तारीख नहीं बढ़ी, तो वे इस साल मिलने वाली वित्तीय सहायता से वंचित रह जाएंगे। समाज कल्याण विभाग ने हालांकि आश्वासन दिया है कि तकनीकी खामियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।