ट्रेन में बुजुर्गों को मिलने वाली छूट पर बड़ा अपडेट! रेल मंत्री ने संसद में बताया, जानिए आपको रियायत मिलेगी या नहीं

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देश के लाखों वरिष्ठ नागरिकों की नजरें इस सवाल पर टिकी हैं कि उन्हें ट्रेनों में किराए पर मिलने वाली छूट दोबारा कब से शुरू होगी? कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 में बंद हुई यह सुविधा अभी तक बहाल नहीं हो पाई है। हाल ही में यह मामला एक बार फिर संसद में गूंजा, जहां रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पर सरकार का पक्ष रखा।

सरकार बोली- हम पहले ही दे रहे हैं 45% की छूट

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीधे तौर पर 'हां' या 'नहीं' में जवाब देने के बजाय एक बड़ा आंकड़ा सामने रखा। उन्होंने बताया कि रेलवे पहले से ही हर यात्री को, चाहे वह किसी भी उम्र का हो, किराए में औसतन 45% की छूट दे रही है।

उन्होंने समझाया कि अगर किसी यात्रा का असल खर्च 100 रुपये आता है, तो रेलवे आपसे सिर्फ 55 रुपये ही ले रहा है, बाकी 45 रुपये सरकार खुद वहन करती है। साल 2023-24 में रेलवे ने यात्रियों को टिकट पर कुल 60,466 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है। सरकार का कहना है कि यह लाभ देश के सभी नागरिकों को मिल रहा है।

तो क्या सीनियर सिटीजन्स को अलग से छूट नहीं मिलेगी?

जब सांसदों ने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट बहाल करने पर सवाल पूछा, तो रेल मंत्री ने संसदीय समिति की एक सिफारिश का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "रेलवे की स्थाई समिति ने सुझाव दिया है कि कम से कम स्लीपर और थर्ड एसी में वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली रियायत की समीक्षा की जाए और उस पर विचार किया जाए।"

हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह विचार कब तक पूरा होगा या छूट कब से लागू होगी। उनके जवाब से यह कोई सीधा आश्वासन नहीं मिला कि यह सुविधा निकट भविष्य में फिर से शुरू होगी।

इन लोगों को अभी भी मिल रही है छूट

रेल मंत्री ने बताया कि सभी यात्रियों को दी जा रही 45% की औसत छूट के अलावा, कई विशेष श्रेणियों में रियायतें अभी भी जारी हैं। इनमें चार तरह के दिव्यांगजन, 11 तरह के मरीज और आठ तरह के छात्र शामिल हैं, जिन्हें किराए में छूट दी जा रही है।

कुल मिलाकर, रेल मंत्री के जवाब से यह स्पष्ट है कि सरकार का मानना है कि वह पहले से ही सभी यात्रियों को भारी छूट दे रही है। वरिष्ठ नागरिकों को अलग से मिलने वाली पुरानी छूट पर अभी सिर्फ 'विचार' किया जा रहा है, लेकिन इसे कब और कैसे लागू किया जाएगा, इस पर कोई भी फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल, देश के करोड़ों बुजुर्गों को अपनी रियायती टिकट के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।