Big step by OpenAI: 6 साल बाद लॉन्च हुए ओपन-सोर्स AI मॉडल GPT-OSS, जानिए कौन और कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल
News India Live, Digital Desk: Big step by OpenAI: OpenAI ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए, 6 साल के अंतराल के बाद अपने AI मॉडल्स को ओपन-सोर्स करने की घोषणा की है। कंपनी ने GPT-OSS (Open Source Models) नाम से नए मॉडल्स की एक सीरीज जारी की है, जिसमें GPT-OSS-120B और GPT-OSS-20B शामिल हैं। यह निर्णय OpenAI के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक वे अपने AI मॉडल्स को मुख्य रूप से क्लोज्ड-सोर्स रखते आए हैं। इस कदम से OpenAI अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों, जैसे कि चीन की DeepSeek और Alibaba, के साथ बेहतर तरीके से मुकाबला करने की कोशिश करेगा।
GPT-OSS, OpenAI के GPT-2 मॉडल के बाद जारी किए गए पहले प्रमुख ओपन-सोर्स भाषा मॉडल हैं। इन मॉडल्स को Apache 2.0 लाइसेंस के तहत रिलीज किया गया है, जिसका अर्थ है कि डेवलपर्स और शोधकर्ता इन्हें स्वतंत्र रूप से उपयोग, संशोधित और अपने अनुसार ट्यून कर सकते हैं। इन मॉडल्स की एक ख़ास बात यह है कि इनकी लेटेंसी (प्रतिक्रिया समय) कम है और इन्हें सामान्य उपभोक्ता हार्डवेयर, जैसे 16GB RAM वाले लैपटॉप और डेस्कटॉप पर भी चलाया जा सकता है। ये मॉडल शक्तिशाली रीजनिंग (तर्क) क्षमताओं से युक्त हैं और इन्हें विभिन्न प्रकार के कार्यों में प्रयोग किया जा सकता है।
OpenAI ने GPT-OSS के दो प्रमुख वेरिएंट पेश किए हैं:
GPT-OSS-120B: यह लगभग 120 अरब पैरामीटर्स वाला एक शक्तिशाली मॉडल है, जिसे उच्च-स्तरीय तर्क क्षमता और प्रोडक्शन वर्कफ़्लो के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे चलाने के लिए कम से कम 80GB GPU और 128GB RAM की आवश्यकता होती है।
GPT-OSS-20B: यह लगभग 20 अरब पैरामीटर्स वाला मॉडल है, जो मध्यम कंप्यूटिंग पावर वाले डिवाइसेस के लिए अधिक उपयुक्त है। इसके लिए लगभग 16GB GPU और 16GB RAM की आवश्यकता पड़ती है, जो इसे आम उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुलभ बनाता है।
इन मॉडल्स की मुख्य विशेषताओं में उनका ओपन-सोर्स स्वभाव, उत्कृष्ट रीजनिंग क्षमताएं, 'कॉन्फ़िगरेबल रीजनिंग मोड' (जिससे उपयोगकर्ता सोचने की गति को कम, मध्यम या उच्च पर सेट कर सकते हैं), इंस्ट्रक्शन-फॉलोइंग, वेब सर्च, पायथन कोड एक्ज़ीक्यूशन और फुल चेन-ऑफ-थॉट (CoT) रीजनिंग जैसी क्षमताएं शामिल हैं। ये सभी फीचर्स इन्हें AI एजेंट बनाने के लिए बहुत उपयुक्त बनाते हैं। इन्हें कस्टमाइज़ भी किया जा सकता है और ये स्ट्रक्चर्ड आउटपुट को भी सपोर्ट करते हैं। NVIDIA के साथ साझेदारी के ज़रिये इन्हें RTX GPUs के लिए ऑप्टिमाइज़ किया गया है, जो AI PCs और वर्कस्टेशन्स पर इनका बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करता है।
GPT-OSS मॉडल मुख्य रूप से डेवलपर्स, शोधकर्ताओं और AI के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों के लिए जारी किए गए हैं। ओपन-सोर्स होने के कारण, इन्हें अपने लोकल सिस्टम पर चलाने और कस्टमाइज़ करने की सुविधा OpenAI के API-आधारित मॉडल्स की तुलना में अधिक स्वतंत्रता देती है।
AI मॉडल्स को ओपन-सोर्स करना OpenAI की ओर से एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। यह AI क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देगा और समुदाय को इन शक्तिशाली मॉडल्स पर प्रयोग करने और उन्हें और बेहतर बनाने का अवसर प्रदान करेगा। हालांकि, OpenAI ने इस बात की चेतावनी भी दी है कि ओपन-सोर्स मॉडल संभावित रूप से अपनी सुरक्षा सीमाओं को पार कर सकते हैं, इसलिए डेवलपर्स को इन मॉडल्स का सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से उपयोग करने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।