दिल्ली धमाके में बड़ा खुलासा, परवेज ने बताया मीटिंग में अकेला नहीं था हैंडलर शाहीन

Post

News India Live, Digital Desk: दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. यूपी एटीएस (UP ATS) की कड़ी पूछताछ में मुख्य आरोपी परवेज धीरे-धीरे कई अहम राज उगल रहा है. अब तक की जांच में यह बात सामने आई थी कि परवेज को धमाके के लिए निर्देश देने वाला हैंडलर 'शाहीन' था. लेकिन अब परवेज ने जो बताया है, उसने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं.

मीटिंग में कई और लोग भी थे मौजूद

पूछताछ के दौरान परवेज ने कबूल किया है कि धमाके की साज़िश को लेकर हुई मीटिंग्स में हैंडलर शाहीन अकेला नहीं था, बल्कि उसके साथ कई और लोग भी मौजूद थे. यह इस मामले का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा माना जा रहा है, क्योंकि यह इस बात का साफ़ इशारा देता है कि इस आतंकी साजिश में कई और लोग भी शामिल हैं और देश में एक बड़ा स्लीपर सेल नेटवर्क काम कर रहा है.

कौन थे वो अनजान चेहरे?

एटीएस अब परवेज से उन अनजान चेहरों के बारे में जानकारी निकलवाने की कोशिश कर रही है. परवेज से पूछा जा रहा है कि मीटिंग में मौजूद दूसरे लोगों के हुलिए कैसे थे, वे कौन सी भाषा में बात कर रहे थे और उनकी गतिविधियां कैसी थीं. एटीएस परवेज से मिली जानकारी के आधार पर उन संदिग्धों के स्केच तैयार करवाने की भी तैयारी कर रही है.

हालांकि, जांच अधिकारी बताते हैं कि परवेज बहुत शातिर है और एक बार में पूरी जानकारी नहीं दे रहा. वह टूट-टूट कर और जांच को भटकाने की कोशिश करते हुए बातें बता रहा है.

स्लीपर सेल की हर कड़ी तक पहुंचने की कोशिश

जांच एजेंसियों का असली मक़सद सिर्फ़ परवेज को सज़ा दिलवाना नहीं है, बल्कि इस स्लीपर सेल की हर कड़ी तक पहुंचना है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में छुपे हो सकते हैं. एटीएस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही  है. कि परवेज  है.लोगों से संपर्क कैसे किया. उसके मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि वह कौन से ऐप्स, जैसे कि व्हाट्सएप या सिग्नल का इस्तेमाल करता था.

जांच में यह भी सामने आया है कि हैंडलर शाहीन किसी पड़ोसी देश से इस पूरे नेटवर्क को चला रहा था. अब परवेज के इस नए खुलासे के बाद जांच एजेंसियों का काम और बढ़ गया है और वे इस नेटवर्क में शामिल हर एक व्यक्ति की पहचान करने में जुट गई  है..