बुंदेलखंड के बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब स्कूल दूर होने पर सरकार देगी हर साल ₹6000, सीधा आपके खाते में!
Bundelkhand education scheme : बुंदेलखंड के प्यारे छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता के लिए एक बहुत बड़ी और राहत की ख़बर है! हम सब जानते हैं कि बुंदेलखंड के कई गांवों में स्कूल कितनी दूर-दूर होते हैं, और बच्चों को हर रोज़ घंटों पैदल चलकर या साइकिल से जाना पड़ता है। इस परेशानी को अब सरकार ने समझ लिया है।
राज्य सरकार ने एक शानदार योजना शुरू की है, जिसके तहत अगर आपका सरकारी स्कूल घर से 5 किलोमीटर या उससे ज़्यादा दूर है, तो आपको सालाना 6000 रुपये की मदद दी जाएगी। यह पैसा सीधे आपके या आपके माता-पिता के बैंक खाते में आएगा, ताकि आप स्कूल आने-जाने के लिए बस या कोई और साधन इस्तेमाल कर सकें।
यह योजना ख़ासकर कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए है। झांसी, चित्रकूट, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और सोनभद्र जैसे जिलों के हज़ारों बच्चों को इसका सीधा फ़ायदा मिलेगा।
आवेदन कैसे करना है? (चिंता की बात नहीं, तरीका बहुत आसान है)
इस योजना का लाभ लेना बहुत सरल बनाया गया है:
- आपको बस एक साधारण सा फ़ॉर्म भरना होगा।
- इस फ़ॉर्म में आपको यह बताना होगा कि आपके घर के 5 किलोमीटर के दायरे में कोई दूसरा सरकारी स्कूल नहीं है।
- गाँव में: आपके फ़ॉर्म को ग्राम प्रधान चेक करके पक्का करेंगे।
- शहर में: यह ज़िम्मेदारी पार्षद की होगी।
- आपके स्कूल के प्रिंसिपल भी इसे वेरीफाई करेंगे।
एक बार यह जाँच पूरी हो गई, तो पैसा सीधे आपके बैंक खाते में आना शुरू हो जाएगा। पहली किस्त सितंबर महीने से मिलने की उम्मीद है। सब कुछ ऑनलाइन और साफ़-सुथरे तरीके से होगा, ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
बस एक छोटी सी शर्त है!
सरकार यह मदद इसलिए दे रही है, ताकि बच्चे हर रोज़ स्कूल आएं और मन लगाकर पढ़ें। इसलिए, इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको स्कूल में अपनी उपस्थिति (Attendance) अच्छी रखनी होगी। अगर कोई छात्र लगातार स्कूल से गायब रहता है, तो उसकी अगली किस्त रोकी जा सकती है। इसका मकसद साफ़ है - बच्चों को रोज़ स्कूल आने के लिए encourge करना।
इस योजना का असली फ़ायदा क्या है?
सोचिए, अब बच्चों को तपती धूप या ठंड में घंटों पैदल नहीं चलना पड़ेगा। 6000 रुपये की मदद से वे आसानी से बस या ऑटो पकड़कर स्कूल आ-जा सकेंगे। उनका समय और ताक़त दोनों बचेंगे, जिससे वे पढ़ाई पर और ज़्यादा ध्यान दे पाएंगे।
लड़कियों के लिए तो यह योजना और भी अच्छी है, क्योंकि इससे उनकी सुरक्षा बढ़ेगी और माता-पिता भी उन्हें दूर स्कूल भेजने में नहीं हिचकिचाएंगे। यह योजना गाँवों में बच्चों को पढ़ाई बीच में ही छोड़ने (ड्रॉपआउट) से भी रोकेगी।
यह वाकई में एक बहुत अच्छी पहल है, जो बुंदेलखंड जैसे इलाकों में शिक्षा की तस्वीर बदल सकती है। तो बस, अपने कागज़-पत्र तैयार रखिए, जल्द ही इसके आवेदन शुरू होने वाले हैं!