मुफ्त राशन योजना पर बड़ी खुशखबरी बंद पड़े राशन कार्ड फिर से चालू और नए कार्डों पर लगा रास्ता साफ़

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News India Live, Digital Desk : आज 31 दिसंबर 2025 है और हम नए साल 2026 का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं। इस जश्न के बीच, उत्तर प्रदेश के खाद्य और रसद विभाग (Food and Logistics Department) ने उन लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है जो लंबे समय से नए राशन कार्ड का इंतजार कर रहे थे। पिछले काफी वक्त से टारगेट फुल होने या तकनीकी खामियों की वजह से कार्ड बनाने की प्रक्रिया काफी धीमी थी, लेकिन अब सरकार ने उन तमाम रुकावटों को हटा दिया है।

लाखों लोगों का खत्म होगा इंतजार

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में लाखों ऐसे जरूरतमंद परिवार हैं जिनका नाम पात्र होने के बावजूद अभी तक सरकारी रिकॉर्ड में नहीं चढ़ पाया था। अच्छी बात ये है कि अब सरकार ने नए लक्ष्य तय किए हैं, जिससे ज़िला स्तर पर नए कार्ड बनाने की अनुमति दे दी गई है। अब नए नाम जुड़ पाएंगे और जिन परिवारों के कार्ड किसी वजह से रद्द हो गए थे, वे भी पात्रता साबित करके इन्हें फिर से चालू करवा सकेंगे।

क्यों अटकी थी फाइल?

अक्सर देखा गया है कि जब पुराने राशन कार्डों की संख्या तय सीमा तक पहुँच जाती है, तो सिस्टम नए नाम स्वीकार करना बंद कर देता है। इसके लिए विभागीय स्तर पर नए 'टारगेट' का इंतज़ार किया जा रहा था। अब जनगणना के आंकड़ों और शासन के नए निर्देशों के बाद अधिकारियों ने ज़मीनी स्तर पर सत्यापन (Verification) तेज़ कर दिया है। फर्जी नाम हटाए जा रहे हैं ताकि जो सच में गरीब है, उसका हक न छीने।

कैसे और कहाँ बनेगा कार्ड?

अब प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी है।

  • पात्रता का ध्यान: जो लोग वाकई पात्र हैं, वे अपने आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और परिवार की फोटो के साथ जन सेवा केंद्र (CSC) पर आवेदन कर सकते हैं।
  • लेखपाल और पूर्ति निरीक्षक की भूमिका: आवेदन के बाद लेखपाल और पूर्ति विभाग के कर्मचारी घर जाकर जांच करेंगे कि आप योजना के असली हकदार हैं या नहीं। अगर सब ठीक रहा, तो बहुत जल्द आपके हाथ में 'सस्ते और मुफ्त' राशन की चाभी होगी।

फ्री राशन का महा-अभियान जारी रहेगा

सिर्फ नया कार्ड बनना ही खुशी की बात नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिलने वाला मुफ्त राशन (चावल, गेहूं आदि) आगे भी जारी रहने वाला है। यूपी सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि गरीबों को दी जाने वाली राहत में कोई कमी नहीं आएगी। इससे न केवल गरीब बच्चों को पोषण मिलेगा, बल्कि मज़दूरों और किसानों की आर्थिक मदद भी होगी।