असम में मतदान से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका, चुनावी रण छोड़ प्रत्याशी ने थामी दूसरी राह मचा हड़कंप
News India Live, Digital Desk: असम विधानसभा उपचुनावों की दहलीज पर खड़ी कांग्रेस पार्टी के लिए एक बेहद बुरी खबर सामने आई है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही पार्टी के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब उसके एक घोषित उम्मीदवार ने ऐन मौके पर चुनावी मैदान से हटने का फैसला करते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम ने न केवल कांग्रेस के आलाकमान को सकते में डाल दिया है, बल्कि विपक्षी खेमे में भी खलबली मचा दी है।
आखिर क्यों उम्मीदवार ने छोड़ा कांग्रेस का साथ?
असम की सिदली विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस की उम्मीदों पर उस वक्त पानी फिर गया जब पार्टी प्रत्याशी संजीब वार्य ने अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि वार्य पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और टिकट वितरण को लेकर स्थानीय नेताओं के रवैये से खुश नहीं थे। अपने त्यागपत्र में उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीति के जानकार इसे कांग्रेस के लिए एक बड़े रणनीतिक पतन के रूप में देख रहे हैं।
चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा गहरा असर
सिदली सीट पर कांग्रेस काफी मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी में थी, लेकिन मतदान से ठीक पहले उम्मीदवार का मैदान छोड़ना पार्टी की साख पर सवाल खड़े कर रहा है। अब इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने के बजाय सत्ताधारी गठबंधन के लिए आसान होता दिख रहा है। स्थानीय कार्यकर्ताओं में इस इस्तीफे के बाद भारी निराशा देखी जा रही है, क्योंकि प्रचार अभियान अपने चरम पर था और अब पार्टी के पास विकल्प तलाशने के लिए समय बहुत कम बचा है।
क्या बीजेपी और उसके सहयोगियों को मिलेगा फायदा?
असम की राजनीति में इस समय दलबदल और रणनीतिक इस्तीफों का दौर जारी है। संजीब वार्य के इस कदम को सीधे तौर पर बीजेपी समर्थित गठबंधन के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। कांग्रेस जहां एक तरफ राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रही है, वहीं इस तरह के आंतरिक झटके उसकी 'एकजुटता' के दावों की पोल खोल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इस नुकसान की भरपाई कैसे करती है या फिर यह सीट उसके हाथ से पूरी तरह निकल जाएगी।