BREAKING:
March 23 2026 07:21 am

छत्तीसगढ़ के खल्लारी मंदिर में बड़ा हादसा, हवा में लटका रोपवे दर्शन करने आए श्रद्धालुओं की सांसें अटकीं

Post

News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खल्लारी माता मंदिर में आज एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। मंदिर की पहाड़ी पर श्रद्धालुओं को ले जा रहा रोपवे अचानक तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में ही थम गया। इस दौरान रोपवे की ट्रॉलियों में कई श्रद्धालु सवार थे, जो जमीन से सैकड़ों फीट की ऊंचाई पर हवा में ही लटक गए। इस घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और फंसे हुए लोगों की सांसें अटक गईं। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति की टीम राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गई है।

अचानक आई तकनीकी खराबी से मचा हड़कंप प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर के दर्शन कर वापस लौट रहे थे और कुछ ऊपर जा रहे थे। अचानक एक तेज झटके के साथ रोपवे की मशीनरी जाम हो गई और ट्रॉलियां जहां की तहां रुक गईं। ट्रॉलियों के भीतर मौजूद महिलाओं और बच्चों में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि रोपवे के केबल में कुछ तकनीकी समस्या आने की वजह से यह सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। गनीमत यह रही कि कोई ट्रॉली केबल से अलग नहीं हुई, वरना बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सुरक्षित निकाले जा रहे लोग हादसे की खबर मिलते ही महासमुंद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम अलर्ट मोड पर आ गई। मंदिर समिति के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मैनुअल तरीके से ट्रॉलियों को धीरे-धीरे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, कुछ श्रद्धालुओं को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है, जबकि अन्य को निकालने का काम युद्धस्तर पर जारी है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

रोपवे के रखरखाव पर उठे गंभीर सवाल खल्लारी मंदिर में हुए इस हादसे ने रोपवे के रखरखाव (Maintenance) और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालुओं का आरोप है कि समय-समय पर रोपवे की जांच नहीं की जाती, जिसकी वजह से आए दिन ऐसी तकनीकी दिक्कतें आती रहती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहाड़ों पर स्थित मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, ऐसे में प्रशासन को सुरक्षा ऑडिट की सख्त जरूरत है। खल्लारी माता मंदिर छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां हर साल लाखों लोग पहुंचते हैं।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश महासमुंद जिला कलेक्टर ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि पहली प्राथमिकता सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद रोपवे का संचालन करने वाली कंपनी के खिलाफ जांच की जाएगी कि क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। फिलहाल, सुरक्षा की दृष्टि से रोपवे सेवा को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को अब पैदल रास्ते से ही ऊपर जाने की सलाह दी जा रही है।