Bhupesh Baghel on Nitish Kumar : मोदी-शाह के सामने नीतीश ने टेके घुटने, राज्यसभा जाने के फैसले पर बघेल का बड़ा हमला
News India Live, Digital Desk: नीतीश कुमार द्वारा 5 मार्च 2026 को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किए जाने के बाद देश की सियासत गरमा गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने इस पूरे घटनाक्रम को नीतीश कुमार की 'राजनीतिक विदाई' करार दिया है।
भूपेश बघेल के बयान के मुख्य अंश (Key Highlights)
"हार मान चुके हैं नीतीश": भूपेश बघेल ने कहा कि नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी तरह से 'सरेंडर' करने पर मजबूर कर दिया है। उनके अनुसार, नीतीश कुमार अब बिहार की राजनीति में अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं और भाजपा ने उन्हें किनारे लगाने के लिए दिल्ली का रास्ता दिखाया है।
भाजपा का 'चेकमेट' (Checkmate): बघेल ने तर्क दिया कि भाजपा बिहार में अपना खुद का मुख्यमंत्री चाहती है, और नीतीश कुमार इस रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा थे। उन्हें राज्यसभा भेजकर भाजपा ने बिहार की सत्ता पर पूर्ण नियंत्रण पाने का अपना रास्ता साफ कर लिया है।
अस्तित्व का संकट: पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि जो नेता कभी 'पीएम मटेरियल' माना जाता था, आज उसे अपनी ही पार्टी और राज्य को छोड़कर सुरक्षित शरण के लिए राज्यसभा जाना पड़ रहा है। यह नीतीश कुमार के राजनीतिक करियर का सबसे कमजोर दौर है।
बिहार में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट
भूपेश बघेल का यह बयान उस समय आया है जब बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भाजपा अपने किसी बड़े नेता (संभावित रूप से सम्राट चौधरी या नित्यानंद राय) को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा सकती है।
विपक्ष की रणनीति
इंडिया (I.N.D.I.A.) गठबंधन के नेता नीतीश कुमार के इस कदम को एनडीए (NDA) के भीतर चल रही अंतर्कलह और भाजपा की विस्तारवादी नीति के रूप में देख रहे हैं। बघेल ने संकेत दिया कि बिहार की जनता इस 'धोखे' का जवाब आगामी चुनावों में देगी।