Bhaum Pradosh Vrat December 2025 : कर्ज़ और बीमारी को जड़ से खत्म करने वाला खास दिन, नोट कर लें पूजा का सही तरीका

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News India Live, Digital Desk: क्या आपकी रातों की नींद "उधारी" या "कर्ज़" (Debt) ने उड़ा रखी है? या फिर कमाया हुआ सारा पैसा बीमारियों के इलाज में ही पानी की तरह बह रहा है? अगर हाँ, तो दिसंबर का महीना आपके लिए एक उम्मीद की किरण लेकर आ रहा है।

हिन्दू पंचांग में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व है, लेकिन जब यह व्रत मंगलवार (Tuesday) के दिन पड़ता है, तो इसे 'भौम प्रदोष' (Bhaum Pradosh) कहते हैं। मंगलवार का दिन मंगल ग्रह और हनुमान जी का होता है, और प्रदोष काल भगवान शिव का। यानी "एक पंथ, दो काज"!

दिसंबर 2025 के पहले हफ्ते में ही यह शुभ संयोग बन रहा है। आइए, बिल्कुल सरल भाषा में जानते हैं कि इस दिन आपको ऐसा क्या करना चाहिए जिससे आपकी किस्मत पलट सके।

क्यों खास है 'भौम प्रदोष'?

ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में मंगल ग्रह को 'कर्ज़' और 'रक्त' (Blood/Health) का कारक माना जाता है। कहते हैं कि अगर किसी की कुंडली में मंगल भारी हो, तो वो इंसान कर्ज़ के दलदल में फंसता चला जाता है। लेकिन, शास्त्रों में लिखा है कि अगर भौम प्रदोष के दिन कोई सच्चे दिल से शिव जी की पूजा कर ले, तो उसे "ऋण" (Loan) से मुक्ति मिल जाती है। इसे 'ऋणमुक्तेश्वर महादेव' की पूजा भी कहा जाता है।

शुभ मुहूर्त का रखें ध्यान (Date & Time)

दिसंबर 2025 की शुरुआत में मार्गशीर्ष (अगहन) माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि का मान रहेगा।

  • तिथि: दिसंबर के पहले सप्ताह में (पंचांग अनुसार 2 दिसंबर, मंगलवार को) भौम प्रदोष का योग बन रहा है।
  • पूजा का समय (Pradosh Kaal): प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम को सूर्यास्त के बाद (लगभग शाम 5:30 से 7:30 के बीच) की जाती है। यही वो समय है जब भोलेनाथ कैलाश पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं।

घर पर कैसे करें आसान पूजा? (Simple Puja Vidhi)

मंदिरों में लंबी लाइनों में लगने की बजाय, आप घर पर ही श्रद्धा से ये पूजा कर सकते हैं:

  1. लाल रंग है ज़रूरी: सुबह नहाकर हो सके तो लाल या गुलाबी कपड़े पहनें, क्योंकि यह मंगल देव का पसंदीदा रंग है।
  2. शिवलिंग अभिषेक: शाम के समय घर के मंदिर में शिवलिंग पर कच्चा दूध और शहद मिलाकर अभिषेक करें। शहद चढ़ाना कर्ज़ मुक्ति के लिए रामबाण माना जाता है।
  3. मसूर की दाल: 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए शिवलिंग पर थोड़ी सी लाल मसूर की दाल चढ़ाएं। यह मंगल दोष को शांत करती है।
  4. ऋणमोचन मंगल स्तोत्र: अगर आपको बहुत ज्यादा आर्थिक दिक्कत है, तो पूजा के बाद 'ऋणमोचन मंगल स्तोत्र' का पाठ ज़रूर करें। यह आपको इंटरनेट या किसी भी पूजा की किताब में आसानी से मिल जाएगा।

क्या नहीं करना चाहिए?

इस दिन गुस्सा बिल्कुल न करें और न ही किसी से उधार पैसा लें। माना जाता है कि मंगलवार या प्रदोष के दिन लिया गया कर्ज़ चुकाना बहुत भारी पड़ जाता है। सात्विक भोजन करें और हनुमान चालीसा का पाठ भी करें।

यह व्रत सिर्फ़ पूजा नहीं, बल्कि अपने आत्मविश्वास को वापस पाने का एक मौका है। महादेव की शरण में जाइए, रास्ते अपने आप खुल जाएंगे।