Bhaum Pradosh Vrat 2025:दिसंबर की शुरुआत होगी महादेव की कृपा से! भौम प्रदोष व्रत पर करें ये अचूक उपाय, मंगल दोष होगा शांत

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 हिंदू धर्म में हर महीने आने वाले प्रदोष व्रत का अपना ही महत्व है, लेकिन जब यह व्रत 'मंगलवार' के दिन पड़ता है, तो इसकी ताकत कई गुना बढ़ जाती है। इसे भौम प्रदोष (Bhaum Pradosh) कहते हैं। मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह (Mars) और हनुमान जी से होता है, और प्रदोष काल भगवान शिव को समर्पित है। यानी एक तीर से दो निशाने- शिवजी भी खुश और कुंडली का मंगल भी सही!

पंचांग के अनुसार, अगले महीने की शुरुआत में ही यह शुभ संयोग बन रहा है। अगर आप कर्ज (Loan) से परेशान हैं या सेहत साथ नहीं दे रही, तो 2 दिसंबर का दिन आपके लिए वरदान साबित हो सकता है।

आइये, बिल्कुल आसान भाषा में जानते हैं पूजा का समय और वो छोटे-छोटे उपाय जो आपकी किस्मत बदल सकते हैं।

कब है पूजा का सही समय?
पंचांग को देखें तो मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 2 दिसंबर को दोपहर 3:57 बजे शुरू हो जाएगी और अगले दिन यानी 3 दिसंबर को दोपहर 12:25 बजे तक रहेगी।
चूंकि प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा शाम के समय (प्रदोष काल) में होती है, इसलिए 2 दिसंबर, मंगलवार को ही यह व्रत रखा जाएगा।

क्यों खास है यह दिन?
शास्त्रों में कहा गया है कि मंगल देव ऋणहर्ता (कर्ज मुक्ति देने वाले) देव हैं। भौम प्रदोष के दिन शिव पूजा करने से मंगल ग्रह शांत होता है। अगर आपकी कुंडली में 'मांगलिक दोष' है या कर्ज खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, तो इस दिन की पूजा राम-बाण इलाज मानी जाती है।

शिवलिंग पर चढ़ाएं ये 5 चीजें, चमकेगी किस्मत

सिर्फ व्रत रखना ही काफी नहीं है, महादेव को खुश करने के लिए अगर आप सही विधि से ये चीजें चढ़ाएंगे, तो फल जल्दी मिलेगा।

1. कर्ज उतारने के लिए (सबसे जरुरी):
अगर आप पैसों की तंगी या भारी कर्ज से जूझ रहे हैं, तो भौम प्रदोष के दिन शिवलिंग पर 'एक मुट्ठी लाल मसूर की दाल' अर्पित करें। मसूर की दाल का संबंध मंगल ग्रह से होता है। यह उपाय बहुत चमत्कारी माना जाता है और इससे धन के रास्ते खुलते हैं।

2. बीमारी और संकट के लिए:
अगर घर में कोई बार-बार बीमार पड़ रहा है, तो शिवलिंग पर 'शहद' चढ़ाएं। शहद चढ़ाने से शरीर निरोगी रहता है और जीवन की कड़वाहट दूर होती है।

3. मंगल दोष और गुस्से को शांत करने के लिए:
अगर आपको गुस्सा बहुत आता है या विवाह में देरी हो रही है, तो शिवलिंग का अभिषेक 'गुलाब जल' और 'चंदन' से करें। यह ठंडक मंगल की गर्मी (नेगेटिव इफेक्ट) को कम करती है।

4. मनचाही मुराद पूरी करने के लिए:
पूजा के समय 'ओम नमः शिवाय' का जाप करते हुए 11 बेल पत्र अर्पित करें। ध्यान रहे, बेल पत्र कहीं से कटे-फटे न हों। यह महादेव को सबसे ज्यादा प्रिय है।

5. सुख और बरकत के लिए:
मंगलवार होने के कारण, शिव जी को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं। लाल रंग की मिठाई भी चढ़ा सकते हैं। साथ ही, पापों से मुक्ति पाने के लिए गंगाजल और गाय के कच्चे दूध से अभिषेक जरूर करें।

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