बांग्लादेश में रहमान राज का आगाज तारिक रहमान की आज ताजपोशी, पाकिस्तान को न्योता और भारत पर BNP का बदला रुख
News India Live, Digital Desk : बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में प्रचंड जीत के बाद आज (17 फरवरी 2026) तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। ढाका के जातीय संसद भवन के 'साउथ प्लाजा' में होने वाले इस भव्य समारोह में 13 देशों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है। भारत और पाकिस्तान दोनों को मिले इस निमंत्रण को दक्षिण एशिया के नए कूटनीतिक संतुलन के रूप में देखा जा रहा है।
भारत की ओर से कौन होगा शामिल?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को जीत की बधाई तो दी है, लेकिन वे स्वयं इस समारोह में शामिल नहीं हो रहे हैं। भारत का प्रतिनिधित्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी करेंगे। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम 'नेबरहुड फर्स्ट' पॉलिसी के तहत संबंधों को सामान्य बनाने की एक कोशिश है, जबकि शेख हसीना के मुद्दे पर अभी भी कुछ हिचकिचाहट बरकरार है।
पाकिस्तान को न्योता: एक नया समीकरण?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भी इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। बीएनपी के कार्यकाल में ऐतिहासिक रूप से पाकिस्तान के साथ संबंध प्रगाढ़ रहे हैं। हाल ही में ढाका और कराची के बीच सीधी समुद्री सेवा (Direct Sea Link) शुरू होने और रक्षा क्षेत्र में सहयोग की चर्चाओं ने दिल्ली की चिंताएं थोड़ी बढ़ा दी हैं।
भारत पर बीएनपी का क्या है रुख?
चुनाव से पहले और बाद में बीएनपी ने भारत को लेकर अपने लहजे में काफी बदलाव किया है।
"सबके साथ दोस्ती, किसी से बैर नहीं": पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उनकी विदेश नीति राष्ट्रीय हितों पर आधारित होगी।
हसीना का मुद्दा: बीएनपी नेता हुमायूँ कबीर ने कहा है कि अब गेंद भारत के पाले में है कि वह बदली हुई राजनीतिक हकीकत को स्वीकार करे। हालांकि, शेख हसीना के प्रत्यर्पण (Extradition) की मांग अभी भी एक बड़ा पेच बनी हुई है।
संतुलित संबंध: तारिक रहमान ने संकेत दिया है कि वे किसी एक देश के प्रति झुकाव रखने के बजाय भारत, चीन और अमेरिका के साथ संतुलित संबंध चाहते हैं।
शपथ ग्रहण की खास बातें:
स्थान: जातीय संसद भवन (Jatiya Sangsad Bhavan) का साउथ प्लाजा।
अतिथि: 1200 से अधिक विशिष्ट मेहमान, जिनमें भूटान के पीएम शेरिंग टोबगे भी शामिल हैं।
सुरक्षा: पूरे ढाका में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, विशेष रूप से 'अवामी लीग' के संभावित विरोध को देखते हुए।