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April 15 2026 03:13 pm

बंगाल में बाबरी पर संग्राम अमित शाह ने ममता के विधायक को दी सीधी चुनौती, ममता बनर्जी से लेंगे 370 का बदला

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News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की आहट के साथ ही राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर द्वारा 'बाबरी मस्जिद' के निर्माण के ऐलान ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। अब इस मुद्दे पर खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया है। शाह ने ममता बनर्जी और उनके विधायक को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि बंगाल की धरती पर दूसरी बाबरी नहीं बनने दी जाएगी।

हुमायूं कबीर का 'बाबरी' दांव और शाह की हुंकार

मुर्शिदाबाद से टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने पिछले कुछ समय से बंगाल में एक नई मस्जिद बनाने का अभियान छेड़ रखा है, जिसे वह 'बाबरी मस्जिद' का नाम दे रहे हैं। विधायक का दावा है कि वह चंदा इकट्ठा कर इस मस्जिद का निर्माण करेंगे। इस पर कड़ा प्रहार करते हुए अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी के विधायक खुलेआम सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने चुनौती देते हुए कहा, "हुमायूं कबीर को जो करना है कर लें, लेकिन बंगाल में बाबरी का सपना कभी पूरा नहीं होगा।"

‘370 का बदला ममता से लेंगे’ अमित शाह का बड़ा हमला

एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने ममता सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने संसद में इसका विरोध किया था। शाह ने कहा, "ममता बनर्जी और उनके सहयोगियों ने 370 हटाने का विरोध किया था। अब बंगाल की जनता इस तुष्टीकरण की राजनीति का जवाब देगी। हम 370 के विरोध का बदला ममता बनर्जी को सत्ता से हटाकर लेंगे।"

मंदिर बनाम मस्जिद: ध्रुवीकरण की राजनीति तेज

हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद के जवाब में हिंदू संगठनों ने भी राज्य में राम मंदिर निर्माण का बिगुल फूंक दिया है। बिधाननगर समेत कई इलाकों में राम मंदिर बनाने के ऐलान के बाद बंगाल में 'मंदिर बनाम मस्जिद' की जंग छिड़ गई है। अमित शाह ने स्पष्ट किया कि बीजेपी राज्य में किसी भी तरह के अवैध निर्माण या सांप्रदायिक एजेंडे को सफल नहीं होने देगी। उन्होंने घुसपैठ और राजनीतिक हिंसा के मुद्दों पर भी ममता सरकार को घेरा।

क्या बंगाल बनेगा अगला सियासी कुरुक्षेत्र?

हुमायूं कबीर का यह विवादित कदम टीएमसी के लिए भी गले की हड्डी बन गया है। हालांकि पार्टी ने इसे विधायक का निजी बयान बताया है, लेकिन विपक्षी दल इसे ममता बनर्जी की मौन सहमति मान रहे हैं। अमित शाह के इस आक्रामक रुख ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनाव में 'बाबरी' और 'राम मंदिर' का मुद्दा केंद्र में रहने वाला है। अब देखना यह है कि बंगाल की जनता इस धार्मिक खींचतान के बीच किसे सत्ता की चाबी सौंपती है।