Bathua Side Effects : थाली में जिसे सेहत समझकर खा रहे हैं, कहीं वो आपकी किडनी तो खराब नहीं कर रहा?
News India Live, Digital Desk : गुलाबी ठंड आ गई है और सब्जी मंडी अब हरी-भरी दिखने लगी है। सर्दियों का नाम आते ही जुबान पर सबसे पहले स्वाद आता है सरसों का साग और 'बथुआ' (Bathua)। किसी को बथुआ का रायता पसंद है, तो किसी को गरमा-गर्म बथुआ के परांठे।
हम सब बचपन से सुनते आए हैं कि बथुआ "गुणों की खान" है। ये खून साफ़ करता है और पेट के लिए अच्छा होता है। लेकिन ठहरिए! क्या आप जानते हैं कि यही गुणकारी बथुआ कुछ खास लोगों के लिए मुसीबत का कारण भी बन सकता है? जी हाँ, आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि हर किसी को आंख मूंदकर इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि किन लोगों को अपनी थाली से बथुआ दूर रखना चाहिए।
1. पथरी के मरीज (Kidney Stone Patients) रहें दूर
अगर आपको किडनी में पथरी (Stone) की शिकायत है, या आप पहले इससे जूझ चुके हैं, तो बथुआ आपके लिए खतरे की घंटी है।
वजह क्या है?
बथुआ में बहुत अधिक मात्रा में 'ऑक्जेलिक एसिड' (Oxalic Acid) होता है। यह वही तत्व है जो शरीर में जाकर कैल्शियम के साथ मिलकर पथरी बनाता है। अगर आप पहले से ही स्टोन की समस्या से परेशान हैं, तो बथुआ का सेवन आपकी पथरी का साइज बढ़ा सकता है या दर्द पैदा कर सकता है। इसलिए डॉक्टर इसे न खाने की सलाह देते हैं।
2. गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women) बरतें सावधानी
हमारी दादियाँ-नानियां अक्सर कहती थीं कि गर्भावस्था में खान-पान बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बथुआ की तासीर गर्म होती है। अगर प्रेगनेंसी के दौरान, खासकर शुरुआती महीनों में इसका बहुत ज्यादा सेवन किया जाए, तो मिसकैरेज (गर्भपात) का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, सीमित मात्रा में खाने से नुकसान कम होता है, फिर भी रिस्क लेने से अच्छा है कि डॉक्टर से पूछकर ही खाएं।
3. कमजोर कैल्शियम वाले लोग
क्या आपके घुटनों में कटकट की आवाज़ आती है या शरीर में कैल्शियम की कमी है? अगर हाँ, तो बथुआ ज्यादा न खाएं।
दरअसल, बथुआ में मौजूद ऑक्जेलिक एसिड शरीर में मौजूद कैल्शियम (Calcium) को सोखने की (Absorb) क्षमता कम कर देता है। आसान शब्दों में कहें तो, आप दूध-दही तो खाएंगे, लेकिन बथुआ उस कैल्शियम को हड्डियों तक पहुँचने नहीं देगा।
4. पेट खराब होने पर (Digestive Issues)
माना कि बथुआ कब्ज के लिए अच्छा है, लेकिन "अति हर चीज की बुरी होती है।" बथुआ में फाइबर बहुत ज्यादा होता है। अगर आपका पेट पहले से ही खराब है या दस्त (Loose Motions) लगे हैं, तो बथुआ इसे और बिगाड़ सकता है। ज्यादा बथुआ खाने से पेट दर्द, गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है।
5. एलर्जी (Skin Allergy)
कुछ लोगों की स्किन बहुत संवेदनशील (Sensitive) होती है। बथुआ खाने के बाद अगर आपको त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते या जलन महसूस हो, तो समझ जाइए कि यह आपको सूट नहीं कर रहा। बथुआ को सूर्य की रोशनी के साथ प्रतिक्रिया करने वाला (Photosensitive) भी माना जाता है, जिससे कुछ लोगों को धूप में जाने पर स्किन की दिक्कत बढ़ सकती है।