धर्मनगरी काशी से बुरी खबर माँ चंद्रघंटा के दरबार में हुआ बड़ा हादसा, ट्रक ने तोड़ा मुख्य द्वार

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News India Live, Digital Desk : हम सब जानते हैं कि काशी (वाराणसी) की गलियाँ और वहां के मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र हैं। लेकिन आज बाबा विश्वनाथ की नगरी से एक ऐसी खबर आई है, जिसने हर शिव और शक्ति भक्त का दिल दुखा दिया है। नवरात्रि में जहां पैर रखने की जगह नहीं होती, उस प्रसिद्ध माँ चंद्रघंटा देवी मंदिर (Chandraghanta Devi Temple) के साथ एक बड़ा हादसा हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना बनारस के भीड़-भाड़ वाले इलाके की है। हम अक्सर देखते हैं कि शहर के अंदर भारी वाहनों की एंट्री मना होती है या रात में खुलती है। इसी दौरान एक तेज़ रफ़्तार ट्रक अनियंत्रित (Out of control) हो गया। ट्रक की रफ़्तार शायद इतनी तेज थी या ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई, कि उसने सीधे मंदिर के प्रवेश द्वार (Entrance Gate) में ज़बरदस्त टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भयानक थी कि सदियों पुराना ऐतिहासिक गेट भरभराकर नीचे गिर गया। जो द्वार कल तक शान से खड़ा था, आज वो मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है।

भक्तों में गुस्सा और अफ़सोस

गनीमत यह रही कि उस वक्त वहां श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं थी, वरना जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। लेकिन सुबह जब स्थानीय लोग और भक्त वहां पहुंचे, तो मंजर देखकर सन्न रह गए। अपने आराध्य देवी के मंदिर की ऐसी हालत देखकर लोगों में काफी गुस्सा है।

वहां मौजूद लोगों का कहना है कि:यह सिर्फ पत्थर का गेट नहीं था, हमारी आस्था का द्वार था। शहर के बीचों-बीच इतनी लापरवाही से गाड़ी चलाना किसी बड़े खतरे को बुलावा देने जैसा है।"

प्रशासन पर उठ रहे सवाल

वाराणसी की गलियां वैसे ही तंग हैं। ऐसे में इतनी बड़ी गाड़ियों का रिहायशी और मंदिर वाले इलाकों में बेरोकटोक घुसना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। स्थानीय लोग अब मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द मंदिर के द्वार का फिर से निर्माण कराया जाए और लापरवाह ड्राइवर व ट्रांसपोर्ट कंपनी पर सख्त कार्रवाई हो।

माँ चंद्रघंटा का महत्व

आपको बता दें कि वाराणसी में माँ चंद्रघंटा का मंदिर नवरात्रि के तीसरे दिन की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। यहाँ दूर-दूर से लोग अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। ऐसे पवित्र स्थान पर इस तरह की तोड़फोड़ ने सच में हर काशीवासी को हिला कर रख दिया है।

उम्मीद है कि प्रशासन इस पर तुरंत जागेगा और बाबा की नगरी में आस्था के केंद्रों को सुरक्षित रखने के लिए कड़े कदम उठाएगा।