रांची में गरजे बाबा के बुलडोजर, सिर्फ 5 घंटे में बदल गया नक्शा, 50 इमारतें देखते ही देखते हो गईं मलबे में तब्दील

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News India Live, Digital Desk: हम अक्सर उत्तर प्रदेश में 'बुलडोजर बाबा' की चर्चा सुनते हैं, लेकिन इस बार बुलडोजर का यह शोर झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में गूंजा है। प्रशासन ने जिस तेवर के साथ कार्रवाई की है, उसने अवैध कब्जाधारियों की नींद हराम कर दी है।

कल जो नजारा देखने को मिला, वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। प्रशासन की गाड़ियां, भारी संख्या में पुलिस बल और साथ में पीले रंग का वो डरावना बुलडोजर सब एक मिशन पर थे।

5 घंटे का 'नॉन-स्टॉप' एक्शन

रांची के एक इलाके में (जहाँ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण था) सुबह से ही गहमागहमी शुरू हो गई थी। प्रशासन ने किसी की एक नहीं सुनी। बताया जा रहा है कि करीब 5 घंटे तक यह ड्राइव चली। और इन 5 घंटों का असर यह हुआ कि 50 से ज्यादा पक्के-कच्चे निर्माण (Constructions) पल भर में मिट्टी में मिला दिए गए।

लोगों ने विरोध करने की थोड़ी-बहुत कोशिश तो की, लेकिन पुलिस के सख्त पहरे के आगे उनकी एक न चली। प्रशासन का मैसेज क्लियर था—सरकारी जमीन किसी की बपौती नहीं है।

अचानक क्यों जागी सरकार?

दरअसल, यह जमीन सरकारी थी और काफी कीमती थी, जिस पर लोगों ने धीरे-धीरे कर अवैध तरीके से दुकानें और घर बना लिए थे। नोटिस पहले भी दिए गए होंगे, लेकिन लोगों को लगा होगा कि "चलता है"। लेकिन जब जेसीबी का पंजा चला, तो वो 'चलता है' वाला भ्रम भी टूट गया।

इस कार्रवाई से एक बात तो साफ है कि अब झारखंड में भी प्रशासन अतिक्रमण को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' के मूड में है। जिनका घर या दुकान टूटी, उनका दर्द अपनी जगह है, लेकिन शहर के विकास और कानून के हिसाब से देखें तो यह एक कड़ा लेकिन जरूरी संदेश है।

इस पूरे 5 घंटे के नाटक ने यह साबित कर दिया कि जब सिस्टम अपने पर आता है, तो बड़ी से बड़ी दीवार गिराने में उसे वक्त नहीं लगता। तो अगर आपने भी कहीं अवैध कब्जा कर रखा है, तो जनाब, संभल जाइए!