Ayushman Bal Sambal : गरीब हो या अमीर, अगर घर में कोई बच्चा है बीमार, तो सरकार भरेगी पूरा बिल
News India Live, Digital Desk : हम सबके लिए अपने बच्चों की मुस्कान से बढ़कर कुछ नहीं होता। लेकिन भगवान न करे, अगर घर का कोई नन्हा सदस्य किसी गंभीर बीमारी (Serious Illness) की चपेट में आ जाए, तो पूरा परिवार हिल जाता है। अस्पताल के चक्कर और लाखों का खर्चा देखकर अच्छे-अच्छों की हिम्मत टूट जाती है। कई बार तो सिर्फ पैसों की कमी की वजह से इलाज रोकना पड़ता है।
लेकिन अब आपको निराश होने या कर्ज लेने की ज़रूरत नहीं है। भारत सरकार ने नौनिहालों के जीवन की रक्षा के लिए 'आयुष्मान बाल संबल योजना' (या दुर्लभ बीमारियों के लिए राष्ट्रीय सहायता) के तहत एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने हर मां-बाप के सिर से बोझ हल्का कर दिया है।
क्या आप जानते हैं कि अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकार 50 लाख रुपये तक की मदद दे रही है? जी हाँ, और साथ में देखभाल के लिए हर महीने पैसे भी। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि यह योजना क्या है और आप इसका लाभ कैसे ले सकते हैं।
₹50 लाख तक की मदद किन बीमारियों पर? (Major Coverage)
अक्सर हम आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat) के बारे में सुनते हैं, जिसमें 5 लाख तक का इलाज मिलता है। लेकिन यह 'बाल संबल' पहल उससे कहीं आगे है।
सरकार ने 'दुर्लभ बीमारियों' (Rare Diseases) के इलाज के लिए आर्थिक सहायता बढ़ा दी है। इसमें ऐसी बीमारियां शामिल हैं जिनका इलाज बहुत महंगा होता है, जैसे:
- थैलेसीमिया (Thalassemia)
- हीमोफीलिया (Haemophilia)
- सिकल सेल एनीमिया (Sickle Cell Anemia)
- कुछ विशेष प्रकार के कैंसर या आनुवंशिक रोग।
अगर किसी बच्चे को ऐसी कोई बीमारी है, तो सरकार उसके इलाज, सर्जरी या स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के लिए 50 लाख रुपये तक का खर्च उठाएगी। यह पैसा सीधे 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (बड़े सरकारी अस्पतालों) को दिया जाता है।
हर महीने आर्थिक सहायता (₹3000 से ₹5000 तक)
इलाज तो मुफ्त हो गया, लेकिन दवाई और खान-पान का क्या? इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें मरीज की देखभाल के लिए वित्तीय सहायता (Pension/Support) का भी प्रावधान है। अलग-अलग राज्यों के नियमों के अनुसार, ऐसे बच्चों के लिए ₹3000 से लेकर ₹5000 तक की मासिक मदद सीधे बैंक खाते में दी जा सकती है, ताकि बच्चे को पौष्टिक खाना मिल सके।
इसका लाभ किसे मिलेगा? (Eligibility)
- आयु: मुख्य रूप से 18 साल तक के बच्चों के लिए यह वरदान है (कुछ विशेष केस में छूट संभव है)।
- कार्ड: आपके पास आयुष्मान भारत कार्ड (Ayushman Card) या आभा आईडी (ABHA ID) होना जरूरी है।
- पहचान: बच्चा भारत का नागरिक होना चाहिए और डॉक्टर द्वारा प्रमाणित होना चाहिए कि उसे गंभीर/दुर्लभ बीमारी है।
- आय: बीपीएल (BPL) परिवारों को प्राथमिकता मिलती है, लेकिन दुर्लभ बीमारियों के केस में कई बार आय सीमा की शर्तें हटा दी जाती हैं क्योंकि इनका इलाज अमीर आदमी के लिए भी मुश्किल होता है।
आवेदन कैसे करें? (How to Apply)
- स्टेप 1: सबसे पहले सरकारी जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज जाएं और बीमारी का सर्टिफिकेट बनवाएं।
- स्टेप 2: अस्पताल के 'आरोग्य मित्र' या नोडल ऑफिसर से संपर्क करें। वे आपका केस बनाकर सरकार को भेजेंगे।
- स्टेप 3: आप ऑनलाइन पोर्टल (जो स्वास्थ्य मंत्रालय या राज्य सरकार का हो) पर भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
- डॉक्यूमेंट्स: बच्चे का आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार, राशन कार्ड और बैंक पासबुक तैयार रखें।