Astro Tips : हनुमान जी के इन 12 नामों में छिपा है हर संकट का हल, सोने से पहले या सुबह उठकर जाप करने से बदल जाएगी किस्मत

Post

News India Live, Digital Desk: शास्त्रों के अनुसार, जो व्यक्ति नियमित रूप से हनुमान जी के 12 नामों का स्मरण करता है, उसे दस दिशाओं और आकाश-पाताल से कोई भय नहीं रहता। यह जाप विशेष रूप से उन लोगों के लिए रामबाण है जो मानसिक तनाव या शत्रुओं से परेशान हैं।

1. हनुमान जी के 12 चमत्कारी नाम (The 12 Sacred Names)

नीचे दिए गए नामों का क्रमवार जाप करना चाहिए:

हनुमान (हनु को वज्र के समान करने वाले)

अंजनी सुत (माता अंजनी के पुत्र)

वायु पुत्र (पवन देव के पुत्र)

महाबल (अत्यंत बलशाली)

रामेष्ट (भगवान राम के प्रिय)

फाल्गुन सखा (अर्जुन के मित्र)

पिंगाक्ष (भूरी आँखों वाले)

अमित विक्रम (असीम वीरता वाले)

उदधिक्रमण (समुद्र को लांघने वाले)

सीता शोक विनाशन (माता सीता के दुख दूर करने वाले)

लक्ष्मण प्राण दाता (लक्ष्मण जी को जीवनदान देने वाले)

दशग्रीव दर्पहा (रावण के गर्व को चूर करने वाले)

2. किस समय जाप करने से क्या मिलता है लाभ? (Timing & Benefits)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अलग-अलग समय पर जाप का अलग महत्व है:

सुबह उठते ही: यदि आप सुबह उठते ही बिस्तर पर इन नामों का 11 बार जाप करते हैं, तो आपकी आयु लंबी होती है और दिन के सभी कार्य निर्विघ्न पूरे होते हैं।

दोपहर के समय: दोपहर में जाप करने से व्यक्ति धनवान बनता है और आर्थिक तंगी दूर होती है।

शाम के समय: शाम को जाप करने से घर में सुख-पारिवारिक शांति बनी रहती है।

रात को सोने से पहले: यदि आप रात को सोने से पहले इन नामों का स्मरण करते हैं, तो शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और डरावने सपने नहीं आते।

3. विशेष लाभ: 'असाध्य' रोगों और बाधाओं से मुक्ति

यात्रा से पहले: यात्रा पर निकलने से पहले इन नामों का जाप करने से दुर्घटना का भय समाप्त हो जाता है।

कोर्ट-कचहरी: कानूनी मामलों या विवादों में फंसे लोगों के लिए इन 12 नामों का निरंतर पाठ सफलता दिलाता है।

शनि दोष: माना जाता है कि हनुमान जी के इन नामों का जाप करने वाले व्यक्ति को शनि देव कभी परेशान नहीं करते।

4. जाप की सरल विधि (How to Chant)

मंगलवार या शनिवार के दिन से इस नियम की शुरुआत करना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

यदि संभव हो, तो हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर लाल चंदन की माला से जाप करें।

शुद्धता का ध्यान रखें और जाप के दौरान मन में भगवान राम का स्मरण अवश्य करें।