अश्विन का बड़ा बयान, CSK की प्लेइंग इलेवन में माही की जगह पर उठ रहे सवालों को किया खारिज
News India Live, Digital Desk: आईपीएल 2026 (IPL 2026) का रोमांच शुरू होने में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं और हर बार की तरह इस बार भी केंद्र में हैं महेंद्र सिंह धोनी। क्या धोनी 'इम्पैक्ट प्लेयर' के तौर पर खेलेंगे? क्या वे सभी मैच खेल पाएंगे? इन सवालों के बीच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है। अश्विन ने साफ कहा कि यदि धोनी स्क्वाड में हैं, तो उनके प्लेइंग इलेवन (Playing XI) में होने पर कोई बहस होनी ही नहीं चाहिए।
'इम्पैक्ट प्लेयर' के रोल से अश्विन असहमत
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल 'ऐश की बात' (Ash ki Baat) पर कहा कि वे धोनी को केवल एक सब्स्टिट्यूट या इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में देखने के पक्ष में नहीं हैं। अश्विन के अनुसार, "मैं इस बात से सहमत नहीं हूँ कि उन्हें इम्पैक्ट लिस्ट में रहना चाहिए। अगर वह टीम में हैं, तो उन्हें खेलना चाहिए। अगर वह नहीं खेलना चाहते, तो उन्हें पूरा सीजन ही नहीं खेलना चाहिए, बस इतनी सी बात है।" अश्विन का मानना है कि धोनी की उपस्थिति ही टीम के लिए आधी जीत के बराबर है।
"धोनी एक कंपास की तरह हैं"... रुतुराज के लिए बड़े भाई का रोल
अश्विन ने धोनी की भूमिका को बल्लेबाजी से कहीं बढ़कर बताया है। उन्होंने कहा कि धोनी मैदान पर कप्तान रुतुराज गायकवाड़ के लिए एक 'कंपास' (दिशा-सूचक) की तरह काम करेंगे।
विकेटकीपिंग और फील्डिंग: अश्विन के मुताबिक, धोनी का सबसे बड़ा रोल विकेट के पीछे से गेंदबाजी लाइन-अप को संभालना और फील्ड सेट करना होगा।
बल्लेबाजी क्रम: अश्विन ने अनुमान लगाया कि धोनी इस बार नंबर 7 पर बल्लेबाजी करेंगे और मुख्य रूप से आखिरी के 3-4 ओवरों में फिनिशर की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार CSK का टॉप ऑर्डर (जिसमें संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी शामिल हुए हैं) काफी मजबूत है, जिससे धोनी पर जल्दी आने का दबाव कम रहेगा।
तैयारियों ने दिया कड़ा संदेश: "मुझे खेलना है"
धोनी के प्रैक्टिस वीडियो का जिक्र करते हुए अश्विन ने कहा कि माही पिछले तीन महीनों से कड़ी मेहनत कर रहे हैं। अश्विन के शब्दों में, "उनके अभ्यास को देखकर साफ संदेश मिलता है— 'मुझे खेलना है, आपको जो सोचना है सोचो'। अगर वे खेलने के प्रति आश्वस्त नहीं होते, तो इतनी मेहनत नहीं करते।" अश्विन ने साफ किया कि धोनी वह इंसान नहीं हैं जो बिना योगदान दिए टीम के साथ लटके रहें; अगर वे मैदान पर उतर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें अपनी काबिलियत पर 100% भरोसा है।