तिरंगा फहराते ही तेजस्वी यादव ने गणतंत्र दिवस पर भी नहीं बख्शा NDA को, लगा दिया बड़ा आरोप

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News India Live, Digital Desk: गणतंत्र दिवस (Republic Day) हम सबके लिए खुशी और गौरव का दिन होता है। पटना में भी हर जगह देशभक्ति के गीत गूंज रहे थे और लड्डू बांटे जा रहे थे। लेकिन बिहार की राजनीति की तासीर ही कुछ ऐसी है कि यहाँ त्योहार के दिन भी सियासी तीर चलने बंद नहीं होते।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने गणतंत्र दिवस की बधाई तो दी, लेकिन साथ ही एनडीए (NDA) सरकार पर एक बहुत बड़ा हमला भी बोल दिया।

आइए जानते हैं कि झंडा फहराने के बाद तेजस्वी ने आखिर ऐसा क्या कह दिया जिससे सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

रावड़ी आवास पर फहराया तिरंगा

सबसे पहले आपको बता दें कि तेजस्वी यादव ने पटना स्थित अपनी माँ और पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी (Rabri Devi) के सरकारी आवास पर झंडोत्तोलन किया। वहां माहौल तो जश्न का था, लेकिन जब तेजस्वी मीडिया के सामने आए, तो उनके तेवर काफी सख्त दिखे।

"संविधान को कमजोर किया जा रहा है"

तेजस्वी यादव ने बिना लाग-लपेट के सीधा एनडीए सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि देश में आज जो सरकार चल रही है, उसका मकसद संविधान को मजबूत करना नहीं, बल्कि उसे 'कमजोर' करना है।

उनके कहने का मतलब साफ था कि बाबा साहेब अंबेडकर ने जो संविधान हमें दिया था, जिससे गरीबों, पिछड़ों और दलितों को हक़ मिला है, आज उसे बदलने की कोशिशें हो रही हैं। तेजस्वी ने कहा, "आज गणतंत्र दिवस पर हम सबको संकल्प लेना चाहिए कि हम किसी भी कीमत पर संविधान के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।"

आरक्षण और बापू का ज़िक्र

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए तेजस्वी ने बापू (महात्मा गांधी) को याद किया और कहा कि हम गांधी के देश को नफरत की आग में नहीं जलने देंगे। उनका इशारा केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की तरफ था। उनका मानना है कि एनडीए सरकार आरक्षण और सामाजिक न्याय के ढांचे को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।

चुनाव नहीं, यह लड़ाई 'वजूद' की है

तेजस्वी के बयान से ऐसा लग रहा है कि वो बिहार की जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि आने वाली लड़ाई सिर्फ वोट की नहीं है, बल्कि अपने हक़ को बचाने की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकजुट रहें और ऐसी ताकतों को जवाब दें जो भाईचारे और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही हैं।