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April 03 2026 07:48 am

अरातई का सुनहरा दौर खत्म? अर्श से फर्श पर पहुंचा स्वदेशी ऐप, WhatsApp ने फिर मारी बाजी

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News India Live, Digital Desk : कुछ हफ़्ते पहले तक, एक ‘मेड इन इंडिया’ मैसेजिंग ऐप ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था। ‘अरातई’ (Arattai), जिसका तमिल में मतलब होता है ‘गपशप’, हर भारतीय की जुबान पर था और देखते ही देखते यह गूगल प्ले स्टोर पर नंबर 1 ऐप बन गया था। ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना पर सवार होकर इस ऐप ने WhatsApp जैसे दिग्गज को भी पीछे छोड़ दिया था। लेकिन कहते हैं ना कि बुलंदी पर पहुंचना जितना मुश्किल है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल वहां टिके रहना होता है।

‘अरातई’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जो ऐप कुछ दिन पहले तक लोकप्रियता के शिखर पर था, आज वह गूगल प्ले स्टोर की कम्युनिकेशन कैटेगरी में लुढ़क कर सातवें पायदान पर पहुंच गया है। और इस बीच, मैसेजिंग की दुनिया का पुराना बादशाह WhatsApp फिर से अपनी जगह मजबूत करते हुए तीसरे नंबर पर काबिज हो गया है।

आया, छाया और... उतर गया

चेन्नई की जानी-मानी टेक कंपनी Zoho कॉर्पोरेशन ने 2021 में ‘अरातई’ को लॉन्च किया था। इसका मकसद था विदेशी ऐप्स के दबदबे को कम करना और भारतीयों को एक सुरक्षित, सरल और स्वदेशी विकल्प देना। अक्टूबर 2025 की शुरुआत में, जब ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने की बात चली, तो इस ऐप की किस्मत चमक उठी। डाउनलोड्स की ऐसी बाढ़ आई कि इसके सर्वर तक जवाब देने लगे। एक वक्त पर इसके रोजाना साइन-अप 3,000 से बढ़कर 3.5 लाख तक पहुंच गए थे।

क्यों फीकी पड़ गई ‘अरातई’ की चमक?

इसकी लोकप्रियता का ग्राफ जितनी तेजी से ऊपर गया, उतनी ही तेजी से नीचे भी आ रहा है। इसके पीछे कई बड़ी वजहें मानी जा रही हैं:

  1. एन्क्रिप्शन का अधूरा वादा: सुरक्षा और प्राइवेसी आज के यूजर के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ‘अरातई’ में वॉयस और वीडियो कॉल तो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं, लेकिन टेक्स्ट मैसेज (चैट्स) में इस सुरक्षा की कमी है। नए यूजर्स की यह सबसे बड़ी शिकायत रही, क्योंकि WhatsApp जैसे ऐप्स सालों से यह फीचर दे रहे हैं।
  2. फीचर्स और नेटवर्क की कमी: WhatsApp सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं, बल्कि एक पूरा इकोसिस्टम बन चुका है, जिसमें पेमेंट्स, बिजनेस चैट और स्टेटस जैसे कई फीचर्स शामिल हैं। ‘अरातई’ के लिए इतने बड़े और स्थापित नेटवर्क को टक्कर दे पाना बहुत मुश्किल साबित हुआ।
  3. विवादों ने किया नुकसान: ऐप के CEO द्वारा डेटा एक्सेस और सरकारी नियमों के पालन को लेकर दिए गए कुछ बयानों ने भी यूजर्स के मन में प्राइवेसी को लेकर संदेह पैदा कर दिया, जिससे ऐप की छवि को नुकसान पहुंचा।

ताजा रैंकिंग की बात करें तो गूगल प्ले स्टोर पर कम्युनिकेशन ऐप्स में पहले नंबर पर स्नैपचैट है, दूसरे पर Truecaller और तीसरे पर WhatsApp Messenger का कब्जा है। वहीं, ‘अरातई’ खिसककर सातवें स्थान पर आ गया है।

‘अरातई’ का यह सफर दिखाता है कि किसी भी ऐप को सफल बनाने के लिए सिर्फ राष्ट्रवाद की भावना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे लगातार इनोवेशन करने, यूजर्स का भरोसा जीतने और वैश्विक दिग्गजों के बराबर की सुविधा और सुरक्षा भी देनी होगी।