झारखंड में नक्सलवाद के सफाए की एक और कोशिश अब इन 3 बड़े चेहरों की खैर नहीं, सरकार ने हर एक पर रखा 1 लाख का इनाम
News India Live, Digital Desk : झारखंड को लंबे समय से नक्सलवाद के दंश से जूझना पड़ा है। हालाँकि, पिछले कुछ सालों में यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने काफी हद तक शांति बहाल की है, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे 'खौफ के चेहरे' हैं जो विकास और शांति के बीच बाधा बने हुए हैं। आज यानी 2 जनवरी 2026 की एक ताज़ा और बड़ी रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड सरकार ने अब अपनी नीति को और सख्त करते हुए 3 प्रमुख नक्सलियों पर इनाम की घोषणा कर दी है।
प्रशासन की तरफ से साफ कर दिया गया है कि अब उन लोगों की पहचान पर वार होगा जो राज्य के सुदूर इलाकों में छिपकर अशांति फैलाते हैं। पुलिस ने इन तीन वांटेड नक्सलियों की गिरफ्तारी या उनके बारे में पक्की सूचना देने वालों के लिए ₹1 लाख प्रति नक्सली के हिसाब से इनाम तय किया है।
पुलिस के रडार पर कौन हैं ये 3 चेहरे?
अक्सर देखा जाता है कि पुलिस को किसी बड़े अपराधी को पकड़ने के लिए ज़मीनी जानकारी और जनता के सहयोग की बहुत ज़रूरत होती है। इन नक्सलियों पर सालों से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं—जैसे रंगदारी, डराना-धमकाना और पुलिस पार्टियों पर हमले करना। प्रशासन को उम्मीद है कि ₹1 लाख का इनाम मिलने की खबर से खुफिया तंत्र मज़बूत होगा और लोग भी जानकारी साझा करने में पहले से ज्यादा दिलचस्पी लेंगे।
सूचना देने वालों की सुरक्षा का वादा
हमेशा से यह डर बना रहता है कि अगर कोई आम नागरिक जानकारी देता है, तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। इसी डर को दूर करने के लिए झारखंड पुलिस ने फिर से दोहराया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। यानी अब सीधे तौर पर उन नक्सलियों के 'फर्श' के नीचे की ज़मीन खिसकने वाली है जो जंगलों की आड़ लेकर बचते रहे हैं।
सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, सरेंडर की भी गुंजाइश
पुलिस की रणनीति में यह भी साफ झलकता है कि वह चाहती है कि ये भटके हुए लोग हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। इनाम घोषित करना पुलिस का अपना एक प्रेशर डालने का तरीका है ताकि ये अपराधी कमज़ोर पड़ें। जब इनके साथियों या आसपास के लोगों को पता चलेगा कि इन पर इनाम है, तो उनका बच पाना और भी मुश्किल हो जाएगा।
झारखंड में इस वक्त जिस तरह विकास की बयार बह रही है, सरकार का यह कदम साफ संदेश है कि हिंसा करने वालों के लिए यहाँ कोई जगह नहीं बची है। अब देखना ये है कि इनाम घोषित होने के कितने दिनों के भीतर ये वांटेड चेहरे पुलिस के शिकंजे में आते हैं।