Amrit Bharat Express : 11 मार्च को पटरी पर दौड़ेंगी नई अमृत भारत ट्रेनें धनबाद-पोत्तनूर और नागरकोइल-चर्लापल्ली रूट का हुआ ऐलान
News India Live, Digital Desk : भारतीय रेल नेटवर्क में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के विजन के तहत 11 मार्च को नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का उद्घाटन किया जाएगा। इनमें सबसे प्रतीक्षित ट्रेन धनबाद-पोत्तनूर (कोयंबटूर) और नागरकोइल-चर्लापल्ली मार्ग पर चलने वाली सेवाएं शामिल हैं। ये ट्रेनें उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत के बीच कनेक्टिविटी को एक नई मजबूती देंगी।
1. धनबाद-पोत्तनूर (कोयंबटूर) अमृत भारत एक्सप्रेस
झारखंड और तमिलनाडु के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने वाली यह ट्रेन इलाज और रोजगार के लिए जाने वाले लोगों के लिए वरदान साबित होगी।
उद्घाटन: 11 मार्च को तिरुचिरापल्ली स्टेशन से।
नया रूट: यह ट्रेन धनबाद से चलकर कतरास, बोकारो, रांची, राउरकेला, संबलपुर, विजयवाड़ा और काटपाडी (वेल्लूर) होते हुए पोत्तनूर तक जाएगी।
फायदा: काटपाडी में ठहराव से वेल्लूर में इलाज कराने जाने वाले मरीजों को काफी सुविधा होगी।
2. नागरकोइल-चर्लापल्ली (तेलंगाना) अमृत भारत एक्सप्रेस
यह ट्रेन तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगी।
दूरी और समय: लगभग 1500 किमी का सफर 28 से 30 घंटे में पूरा होगा।
प्रमुख स्टॉपेज: मदुरै जंक्शन, तिरुचिरापल्ली, तिरुपति, विजयवाड़ा, गुंटूर और चेन्नई एग्मोर सहित कुल 30 स्टेशनों पर रुकेगी।
फ्रीक्वेंसी: यह एक साप्ताहिक सेवा होगी, जो नागरकोइल से हर गुरुवार को चलेगी।
अमृत भारत एक्सप्रेस की 5 बड़ी खासियतें
पुश-पुल तकनीक (WAP-5 इंजन): ट्रेन के दोनों सिरों पर इंजन होते हैं, जिससे यह तेजी से रफ्तार पकड़ती है और झटकों से मुक्त सफर मिलता है।
हाई स्पीड: यह ट्रेन 110 से 130 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलने के लिए डिजाइन की गई है।
आधुनिक कोच: 22 कोचों वाली इस ट्रेन में स्लीपर और जनरल क्लास के डिब्बे होते हैं, जिनमें मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, रीडिंग लाइट और बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स लगे हैं।
CCTV और सुरक्षा: हर कोच में सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम दिया गया है।
किफायती किराया: वंदे भारत के मुकाबले इसका किराया बहुत कम रखा गया है ताकि आम जनता भी लंबी दूरी का सफर आराम से कर सके।
भारतीय रेलवे ने चालू वित्तीय वर्ष में 100 और अमृत भारत रैक बनाने का लक्ष्य रखा है, जिससे आने वाले समय में देश के हर कोने में ऐसी ट्रेनें उपलब्ध होंगी।