Akhilesh Yadav vs BJP : हिंद महासागर में हमला और सरकार की चुप्पी चिंताजनक, अखिलेश यादव ने अमेरिकी कार्रवाई पर केंद्र को घेरा

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News India Live, Digital Desk: अखिलेश यादव ने 5 मार्च 2026 को जारी एक बयान में कहा कि जब युद्ध की आग भारत की समुद्री सीमाओं (Indian Ocean) के इतने करीब पहुँच गई है, तब भी केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट न होना समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह चुप्पी किसी "विशेष भय" के कारण है?

अखिलेश यादव के हमले के मुख्य बिंदु 

हिंद महासागर में ईरानी जहाज पर हमला: हाल ही में एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को डुबोने की घटना पर अखिलेश ने चिंता जताई। यह हमला श्रीलंकाई जलक्षेत्र के करीब हिंद महासागर में हुआ था। उन्होंने कहा कि हमारी सीमाओं के पास इस तरह की सैन्य कार्रवाई भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए गंभीर संकेत है।

सरकार की चुप्पी पर सवाल: सपा प्रमुख ने पूछा, "भाजपा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ सिल दिए गए हैं? इसे चुप्पी माना जाए या किसी भय के कारण 'घिघ्घी बंधना'?" उन्होंने मांग की कि विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय को इस अंतरराष्ट्रीय संकट पर भारत का पक्ष तुरंत स्पष्ट करना चाहिए।

अयातुल्ला खामेनेई और स्कूल पर हमले की निंदा: अखिलेश यादव ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और मीनाब (Minab) के एक स्कूल पर हुए हमलों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने स्कूल हमले में मारे गए निर्दोष बच्चों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और इसे 'इंसानियत का मारा जाना' करार दिया।

'सरकार-शून्यता' का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि देश में इस समय 'सरकार-शून्यता' (Government Vacuum) की स्थिति है। उनके अनुसार, भाजपा सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चुप रहकर और विवादास्पद घरेलू विषय उठाकर जनता का ध्यान अपनी विफलताओं से भटकाना चाहती है।

विपक्ष की मांग

अखिलेश यादव के साथ-साथ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भी मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस वैश्विक अस्थिरता और भारत की तेल आपूर्ति पर पड़ने वाले खतरों को लेकर देश को विश्वास में लेना चाहिए।