Ajmer Dargah : RSS के समर्थन में आए अजमेर दरगाह के दीवान, मोहन भागवत के लिए कह दी इतनी बड़ी बात
News India Live, Digital Desk: जब देश की सियासत में अक्सर हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर नफरत और दूरियां बढ़ाने वाली बातें सुनाई देती हैं, उस बीच एक ऐसी खबर आई है जो मोहब्बत और एकता का पैगाम दे रही है। यह खबर दो ऐसे ध्रुवों से जुड़ी है, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे का विरोधी माना जाता है - एक तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और दूसरी तरफ देश के मुसलमानों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र, अजमेर शरीफ दरगाह।
क्या कहा था मोहन भागवत ने?
दरअसल, कुछ समय पहले RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में हिन्दू-मुस्लिम एकता पर एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था, "हम सब एक हैं। हमारे पूर्वज एक थे, और हर भारतीय का DNA एक ही है, चाहे वह किसी भी धर्म का हो। पूजा करने का तरीका बदलने से इंसान नहीं बदल जाता।" उन्होंने यह भी कहा था कि जो मुसलमान भारत को अपनी मातृभूमि मानता है और यहाँ की संस्कृति से प्रेम करता है, वह सच्चा भारतीय है।
अजमेर दरगाह से मिला दिल जीतने वाला समर्थन
मोहन भागवत के इसी बयान पर अब ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष और अजमेर दरगाह के आध्यात्मिक प्रमुख हजरत सैय्यद नसरुद्दीन चिश्ती ने दिल खोलकर उनका समर्थन किया है। उन्होंने कहा, "मोहन भागवत जी ने जो कुछ भी कहा है, वह सच है और दिल से कही गई बात है। उनका यह बयान देश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करेगा।"
चिश्ती ने इस बयान को 'मोहब्बत का पैगाम' बताते हुए कहा कि यह उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो धर्म के नाम पर देश को बांटने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भागवत का यह बयान दोनों समुदायों के बीच की गलतफहमियों को दूर करने और एक-दूसरे के करीब लाने का काम करेगा।
क्यों खास है यह बयान?
सैय्यद नसरुद्दीन चिश्ती का यह समर्थन इसलिए बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह दो ऐसी विचारधाराओं के प्रमुखों के बीच एक सेतु का काम कर रहा है, जिन्हें हमेशा अलग-अलग समझा जाता रहा है। एक तरफ RSS, जिसे कई लोग हिन्दूवादी संगठन मानते हैं, और दूसरी तरफ अजमेर दरगाह, जो पूरी दुनिया में सूफी और इस्लामी तालीम का केंद्र है।
इन दोनों का एक ही सुर में बात करना यह दिखाता है कि नफरत की राजनीति से ऊपर उठकर, देश में ऐसे लोग भी हैं जो दिलों को जोड़ना चाहते हैं। यह बयान कट्टरपंथियों और देश तोड़ने वाली ताकतों के खिलाफ एक मजबूत संदेश है।