ईरान-इजरायल जंग की तपिश से हवाई सफर हुआ महंगा: एयर इंडिया ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज, जानें अब कितना ज्यादा देना होगा किराया

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों का असर अब सीधा आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने न केवल वैश्विक शांति को खतरे में डाला है, बल्कि ऊर्जा बाजार में भी भारी उथल-पुथल मचा दी है। इस संकट के कारण विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई भारी तेजी को देखते हुए देश की प्रमुख विमानन कंपनी 'एअर इंडिया' और 'एअर इंडिया एक्सप्रेस' ने अपने टिकटों पर 'फ्यूल सरचार्ज' बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी के इस कदम के बाद अब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों तरह की उड़ानों का किराया बढ़ जाएगा। राहत की बात केवल इतनी है कि यह बढ़ोतरी एकमुश्त न होकर तीन अलग-अलग चरणों में लागू की जाएगी।

तीन चरणों में लागू होगी नई दरें, कल से शुरू होगा पहला फेज

एयरलाइन के मुताबिक, विमान ईंधन यानी एटीएफ किसी भी विमानन कंपनी की कुल संचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा होता है। मार्च 2026 की शुरुआत से ही युद्ध के कारण ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। इस वित्तीय बोझ को कम करने के लिए एयर इंडिया ने तीन चरणों का प्लान तैयार किया है। पहला चरण कल यानी 12 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। इसके तहत भारत के भीतर घरेलू उड़ानों और सार्क (SAARC) देशों के रूट पर यात्रियों को प्रति टिकट 399 रुपये का अतिरिक्त सरचार्ज देना होगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय रूटों की बात करें तो पश्चिम एशिया के लिए 10 डॉलर, दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए 20 डॉलर (अब कुल सरचार्ज 60 डॉलर) और अफ्रीका रूट के लिए 30 डॉलर (अब कुल सरचार्ज 90 डॉलर) की बढ़ोतरी की गई है।

लंबी दूरी की उड़ानों के लिए ढीली करनी होगी ज्यादा जेब

फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का दूसरा चरण 18 मार्च 2026 से शुरू होगा, जो मुख्य रूप से लंबी दूरी की (Long Haul) अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को प्रभावित करेगा। इस फेज में यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स पर 25 डॉलर का अतिरिक्त सरचार्ज लगाया जाएगा, जिससे वहां का कुल सरचार्ज बढ़कर 125 डॉलर हो जाएगा। सबसे ज्यादा असर उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जाने वाले यात्रियों पर पड़ेगा, जहां 50 डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे कुल सरचार्ज 200 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी ने संकेत दिए हैं कि तीसरे चरण में हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे 'फार ईस्ट' देशों के रूट पर भी दाम बढ़ाए जाएंगे, जिनकी विस्तृत जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।

पुरानी बुकिंग सुरक्षित, नई टिकटों पर लागू होगा नियम

एयर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि बढ़ी हुई दरें केवल 12 मार्च के बाद होने वाली नई बुकिंग्स पर ही लागू होंगी। जिन यात्रियों ने पहले ही अपने टिकट बुक कर लिए हैं, उन्हें अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, यदि कोई यात्री अपनी पहले से बुक टिकट की तारीख या रूट में बदलाव (Reschedule) करता है, तो उसे नए किराए और सरचार्ज के हिसाब से भुगतान करना पड़ सकता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित करने की धमकियों और अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के कारण कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

विमानन क्षेत्र पर संकट के बादल, एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता

इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए चुनौतियां और बढ़ सकती हैं। स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने भी आगाह किया है कि यदि कच्चा तेल लंबे समय तक 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहता है, तो एयरलाइंस को अपनी विस्तार योजनाओं पर ब्रेक लगाना पड़ सकता है। फिलहाल, एयर इंडिया का यह फैसला अन्य एयरलाइंस के लिए भी एक संकेत हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में हवाई सफर और भी महंगा होने की पूरी संभावना है।