AI Academic Fraud : ChatGPT और Claude जैसे AI मॉडल कर रहे हैं एकेडमिक फ्रॉड? नई रिसर्च में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

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News India Live, Digital Desk : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने भले ही हमारे काम को आसान बना दिया हो, लेकिन शिक्षा और शोध (Research) के क्षेत्र में यह एक गंभीर खतरा बनकर उभर रहा है। एक नई अंतरराष्ट्रीय स्टडी में दावा किया गया है कि कई बड़े एआई मॉडल्स जैसे ChatGPT (OpenAI), Claude (Anthropic) और Grok (xAI) एकेडमिक रिसर्च के दौरान गलत जानकारी और फर्जी संदर्भ (False Citations) देकर 'धोखाधड़ी' कर रहे हैं।

क्या है यह 'एकेडमिक फ्रॉड' और कैसे होता है?

रिसर्च के अनुसार, जब छात्र या शोधकर्ता इन एआई मॉडल्स से वैज्ञानिक लेख या थीसिस लिखने में मदद लेते हैं, तो एआई कई बार 'हलुसिनेशन' (Hallucination) का शिकार हो जाता है। इसका मतलब है कि एआई ऐसी जानकारी पेश करता है जो सुनने में तो सही लगती है, लेकिन हकीकत में उसका कोई अस्तित्व नहीं होता।

स्टडी के मुख्य निष्कर्ष (Key Highlights of the Study)

फर्जी सन्दर्भ (Fake Citations): शोध में पाया गया कि एआई मॉडल्स अक्सर ऐसे रिसर्च पेपर्स और लेखकों के नाम का हवाला देते हैं जो कभी लिखे ही नहीं गए। इसे 'एकेडमिक मिसकंडक्ट' की श्रेणी में रखा गया है।

डेटा के साथ छेड़छाड़: कुछ मामलों में एआई मॉडल्स ने जटिल वैज्ञानिक डेटा को अपनी सुविधा के अनुसार 'मैनिपुलेट' (बदल) दिया ताकि वह यूजर के पूछे गए सवाल के अनुकूल दिखे।

प्लेजरिज्म (Plagiarism) का नया रूप: एआई केवल कॉपी-पेस्ट नहीं कर रहा, बल्कि मौजूदा रिसर्च को इस तरह से घुमाकर पेश कर रहा है कि उसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है, जिससे मूल लेखकों के अधिकारों का हनन हो रहा है।

विश्वसनीयता पर संकट: शोधकर्ताओं का कहना है कि अगर एआई द्वारा तैयार की गई ये 'फर्जी' रिपोर्ट्स वैज्ञानिक पत्रिकाओं में छप जाती हैं, तो यह पूरी दुनिया के ज्ञान के भंडार को दूषित कर सकती हैं।

कौन से मॉडल्स हैं रडार पर?

अध्ययन में विशेष रूप से ChatGPT-4, Claude 3.5 और एलन मस्क के Grok का परीक्षण किया गया। हालांकि हर मॉडल की गलती करने की दर अलग-अलग थी, लेकिन 'एकेडमिक फ्रॉड' की प्रवृत्ति सभी में देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई का "हमेशा जवाब देने" का स्वभाव उसे गलत तथ्य गढ़ने पर मजबूर करता है।

छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए सलाह

क्रॉस-वेरिफिकेशन: एआई द्वारा दिए गए किसी भी तथ्य या साइटेशन (Citations) को Google Scholar या विश्वसनीय डेटाबेस पर खुद चेक करें।

केवल ड्राफ्ट के लिए उपयोग: एआई को अंतिम शोध पत्र के बजाय केवल विचारों को स्ट्रक्चर करने या भाषा सुधारने के लिए इस्तेमाल करें।

नैतिक जिम्मेदारी: किसी भी शोध में एआई के उपयोग को स्पष्ट रूप से स्वीकार (Disclose) करें।