Agriculture Department : झारखंड के आदिवासी युवा अब खेतों में उड़ाएंगे ड्रोन ,जानिए कैसे बदल रही है खेती की तस्वीर

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News India Live, Digital Desk:  Agriculture Department : झारखंड के कांके गाँव से एक कमाल की ख़बर आ रही है, जो हमें खेती के नए तरीक़ों और युवाओं के लिए नए अवसरों की ओर इशारा करती है! अब ज़माना हाई-टेक हो रहा है और हमारी खेती भी पीछे क्यों रहे? इसी सोच के साथ, कांके गाँव के दस आदिवासी युवाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वे खेतों में ड्रोन की मदद से नई तकनीक का इस्तेमाल कर सकें. ये सच में भविष्य की खेती है!

क्या आप सोच सकते हैं? आदिवासी युवा अब खेतों में ड्रोन उड़ाकर करेंगे खेती! देखिए कैसे बदल रहा झारखंड का गांव

यह पूरी पहल कृषि विभाग और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) मिलकर चला रहे हैं. इसका मक़सद साफ़ है – खेती को आसान, तेज़ और ज़्यादा पैदावार वाला बनाना. जिन दस आदिवासी युवाओं को चुना गया है, वे कांके के 'उत्तम आदर्श किसान' हैं. ये कोई साधारण ट्रेनिंग नहीं है, बल्कि 'नैनो ड्रोन रिमोट सेंसिंग एरियल व्हीकल पायलट' का एक ख़ास कोर्स है. सोचिए, ये युवा ड्रोन उड़ाने में माहिर बनेंगे और उसकी मदद से खेती के काम निपटाएंगे!

अब आप पूछेंगे कि खेती में ड्रोन क्या करेगा? तो जवाब है बहुत कुछ! ड्रोन की मदद से खेतों की निगरानी करना काफ़ी आसान हो जाएगा. ड्रोन ऊपर से देखकर बता सकता है कि किस हिस्से में पानी कम है या ज़्यादा, कहाँ किस दवाई या खाद की ज़रूरत है, या फिर फसल में कोई बीमारी तो नहीं लग रही है. इसके अलावा, ड्रोन से कम समय में और सटीक तरीके से खेतों में दवाई और खाद का छिड़काव किया जा सकेगा. इससे दवाई और खाद की बर्बादी भी कम होगी, क्योंकि वो ठीक उसी जगह गिरेगा जहाँ उसकी ज़रूरत है.

इस आधुनिक खेती के मॉडल को ICAR का कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) गांव के लोगों को दिखा रहा है और सिखा भी रहा है. इस ट्रेनिंग से युवाओं को सिर्फ़ एक नई स्किल नहीं मिल रही है, बल्कि उन्हें एक नया रोज़गार भी मिलेगा. वे ख़ुद खेती में ड्रोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, या फिर दूसरे किसानों को अपनी ड्रोन सर्विस देकर पैसे कमा सकते हैं. ये नई तकनीक हमारे किसानों को सशक्त बना रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मज़बूती दे रही है. कांके का ये प्रयास सचमुच एक नई मिसाल बन रहा है!