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March 18 2026 10:55 pm

प्रशांत किशोर के उपवास के बाद अब मनोज भारती ने क्यों किया ये बड़ा ऐलान? बिहार की राजनीति में नया मोड़

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News India Live, Digital Desk : हाल ही में जन सुराज अभियान से जुड़े प्रशांत किशोर ने एक बड़ा ऐलान किया, जिसके बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने एक नया फैसला सुनाया है. मनोज भारती ने घोषणा की है कि वे अब से हर हफ्ते एक दिन उपवास रखेंगे. यह कदम जन सुराज पार्टी की बातों को बिहार की जनता तक और प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा है, ताकि लोगों से सीधा संवाद हो सके.

आपको बता दें कि बिहार चुनाव में जन सुराज के अपेक्षा के अनुरूप परिणाम न मिलने के बाद प्रशांत किशोर खुद भी आत्मचिंतन में लगे थे. उन्होंने बेतिया के भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखा था. ये वही जगह है, जहाँ से करीब तीन साल पहले उन्होंने बिहार में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी. प्रशांत किशोर ने माना था कि शायद वे जनता के दिल तक अपनी बात पूरी तरह नहीं पहुंचा पाए. उन्होंने इस मौन व्रत को अपने द्वारा उठाये गए मुद्दों को जनता तक पहुँचाने में हुई कमी का प्रायश्चित बताया.उनका मानना है कि राजनीतिक शोर के बजाय, संकल्प ज्यादा मायने रखता है.

अब मनोज भारती का यह साप्ताहिक उपवास उसी सोच को आगे बढ़ाता है. इसका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जन सुराज के विचार, जो बिहार के लोगों के जीवन से जुड़े हैं, हर गांव, हर गली तक साफ-साफ पहुँच सकें और लोगों से एक गहरा जुड़ाव बन सके.

आगे की तैयारियों के तौर पर प्रशांत किशोर ने 15 जनवरी से 'बिहार नवनिर्माण संकल्प अभियान' फिर से शुरू करने की बात कही है. इस अभियान के तहत जन सुराज के कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में महिलाओं की मदद करेंगे. इसमें 10,000 रुपये या 2 लाख रुपये के स्वयंरोजगार जैसी सरकारी योजनाओं के फॉर्म भरने और उन्हें जमा कराने का काम शामिल होगा.इसके पीछे का मकसद बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन जैसे जरूरी मुद्दों पर सरकारी वादों को जमीनी हकीकत बनाना है.

एक और हैरान कर देने वाली बात ये है कि प्रशांत किशोर ने दिल्ली स्थित अपना एक घर छोड़कर अपनी सारी संपत्ति और अगले पाँच सालों की कमाई का 90 फीसदी हिस्सा जन सुराज पार्टी को दान करने का फैसला किया है.उनका साफ कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ सत्ता पाना नहीं, बल्कि बिहार के विकास के लिए नई राजनीति की नींव रखना है.