Aditya Hridaya Stotra : अगर ऑफिस में कोई विरोधी कर रहा है परेशान, तो बस रविवार को करें ये छोटा सा काम
News India Live, Digital Desk: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आप मेहनत तो बहुत करते हैं, लेकिन रिजल्ट 'ज़ीरो' मिलता है?
ऑफिस में प्रमोशन की लिस्ट से आपका नाम गायब रहता है, या फिर इंटरव्यू में सब कुछ अच्छा होने के बाद भी "ना" सुनने को मिलता है? अगर हाँ, तो दोस्त... कमी आपकी मेहनत में नहीं, शायद आपकी कुंडली के सूर्य (Sun) में है।
ज्योतिष में सूर्य को ग्रहों का 'राजा' माना जाता है। और जब राजा खुश होता है, तो रंक को भी राजा बना देता है। आज मैं आपको एक ऐसे शक्तिशाली पाठ के बारे में बताने जा रहा हूं जो सदियों से बड़े-बड़े संकटों को काटने के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है इसका नाम है "आदित्य हृदय स्तोत्र" (Aditya Hridaya Stotra)।
यह कोई साधारण मंत्र नहीं है
आदित्य हृदय स्तोत्र की कहानी रामायण से जुड़ी है। युद्ध भूमि में जब भगवान राम, रावण से लड़ते-लड़ते थोड़े थक गए थे और चिंतित थे, तब अगस्त्य मुनि ने उन्हें इस स्तोत्र का पाठ करने की सलाह दी थी। इसके पाठ के बाद श्री राम में नई ऊर्जा आई और उन्होंने रावण का अंत किया।
सोचिए, जो मंत्र भगवान को शक्ति दे सकता है, वो आपके करियर (Career) की परेशानियों को तो चुटकियों में दूर कर सकता है!
क्यों करना चाहिए इसका पाठ?
- सरकारी नौकरी का सपना: अगर आप सरकारी जॉब (Govt Job) की तैयारी कर रहे हैं, तो सूर्य देव को मनाना सबसे जरूरी है क्योंकि वे सत्ता और पद के देवता हैं।
- शत्रु/विरोधियों का नाश: ऑफिस पॉलिटिक्स से परेशान हैं? यह पाठ आपके आत्मविश्वास (Confidence) को इतना बढ़ा देता है कि दुश्मन आपके सामने टिक ही नहीं पाते।
- बेहतरीन सेहत: सूर्य देव आरोग्य के देवता हैं। इसका पाठ करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और दिल (Heart) की बीमारियां दूर रहती हैं।
पाठ करने का सबसे आसान और सही तरीका
वैसे तो आप रोज इसका पाठ कर सकते हैं, लेकिन रविवार (Sunday) का दिन इसके लिए 'गोल्डन डे' है।
- स्टेप 1: रविवार की सुबह सूरज निकलने से पहले उठ जाएं (थोड़ी नींद कुर्बान करनी पड़ेगी!).
- स्टेप 2: नहा-धोकर तांबे के लोटे में जल लें. उसमें थोड़ा रोली (लाल चंदन), अक्षत (चावल) और लाल फूल डाल लें.
- स्टेप 3: उगते हुए सूर्य को जल चढ़ाएं और हाथ जोड़कर "ॐ सूर्याय नमः" बोलें.
- स्टेप 4: वहीं खड़े होकर या बैठकर 'आदित्य हृदय स्तोत्र' का पाठ करें. (अगर संस्कृत पढ़ना मुश्किल लगे, तो हिंदी अनुवाद भी पढ़ सकते हैं, भावना शुद्ध होनी चाहिए).
एक छोटी सी सलाह
दोस्तों, चमत्कार एक दिन में नहीं होता। धैर्य रखें। लगातार कुछ रविवार तक यह नियम अपनाएं। आपको खुद महसूस होगा कि आपके चेहरे पर एक अलग तेज आ गया है और जहां से कल तक "ना" सुनने को मिल रहा था, वहां से सफलता के रास्ते खुलने लगे हैं।