झारखंड में हाई अलर्ट सुरक्षा के लिए 9,500 जवान तैनात रांची में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और ड्रोन की नजर

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News India Live, Digital Desk: शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी 24 जिलों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। इस साल होली और रमजान का पवित्र महीना एक साथ होने के कारण सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

1. जवानों की भारी तैनाती (Security Force Deployment)

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में अतिरिक्त बल उतारे हैं:

कुल तैनाती: पूरे राज्य में 9,500 से अधिक अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। इनमें झारखंड सशस्त्र पुलिस (JAP), इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) और गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल हैं।

रांची का सुरक्षा चक्र: राजधानी रांची में सुरक्षा सबसे कड़ी है, जहाँ करीब 3,000 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है।

क्यूआरटी (QRT): किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी थानों में क्विक रिस्पांस टीम गठित की गई है।

2. ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी (Tech Surveillance)

हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है:

ड्रोन कैमरों का उपयोग: संवेदनशील इलाकों, संकरी गलियों और छतों की निगरानी ड्रोन के जरिए की जा रही है।

सोशल मीडिया सेल: पुलिस की साइबर विंग फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर रियल-टाइम नजर रख रही है।

3. शराब और हुड़दंग पर 'नो टॉलरेंस' (Zero Tolerance Policy)

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी:

एंटी-ड्रंक एंड ड्राइव: रांची और जमशेदपुर जैसे शहरों में 30 से ज्यादा स्थानों पर जिक-जैक बैरिकेडिंग लगाई गई है। ब्रेथ एनालाइजर के जरिए शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच की जा रही है।

अश्लील गानों पर बैन: डीजे पर अश्लील या भड़काऊ गाने बजाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

जबरन रंग लगाना: किसी पर जबरन रंग डालने या अभद्र व्यवहार करने पर सीधे थाने पहुंचाया जाएगा।

4. ड्राई डे और स्वास्थ्य सेवाएं (Dry Day & Health Alert)

शराब की दुकानें बंद: होली के दिन राज्य के अधिकांश जिलों में 'ड्राई डे' घोषित किया गया है। रांची में सभी शराब की दुकानें, क्लब और बार पूरी तरह बंद रहेंगे।

अस्पताल अलर्ट पर: रिम्स (RIMS) सहित सभी जिला अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की विशेष टीमें और बेड रिजर्व रखे गए हैं ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके।

5. संवेदनशील जिलों पर विशेष फोकस

पलामू, हजारीबाग, लोहरदगा और जमशेदपुर जैसे संवेदनशील जिलों में फ्लैग मार्च निकाला गया है। आईजी सुनील भास्कर ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गश्त में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।