गंगा एक्सप्रेसवे पर चलेंगी रोडवेज की 90 बसें: रायबरेली से 29 अप्रैल को शुरू होगा सफर, यात्रियों के लिए बना स्पेशल चार्ट
Ganga Expressway Raebareli Update: उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े सड़क प्रोजेक्ट 'गंगा एक्सप्रेसवे' के स्वागत के लिए रायबरेली पूरी तरह तैयार है। 29 अप्रैल 2026 से इस एक्सप्रेसवे पर जैसे ही आम वाहनों का संचालन शुरू होगा, परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा के लिए अपनी विशेष बस सेवाओं का बेड़ा उतार देगा। रायबरेली जिले में इस एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 79 किलोमीटर है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल कर रख देगा।
परिवहन विभाग की 'मेगा' तैयारी: 90 बसों का बेड़ा तैनात
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन को ऐतिहासिक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय के मुताबिक, यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कुल 90 बसों का स्पेशल चार्ट तैयार किया गया है।
85 बसें: उद्घाटन कार्यक्रम से एक दिन पहले ही लखनऊ और उन्नाव मार्ग पर सक्रिय कर दी जाएंगी।
05 बसें: किसी भी आपात स्थिति या अतिरिक्त भीड़ से निपटने के लिए रिजर्व (स्टैंडबाय) रखी गई हैं।
हाईटेक बसों में सफर होगा सुरक्षित
एक्सप्रेसवे पर चलने वाली इन सभी रोडवेज बसों को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी 90 बसों में VLTD (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) को एक्टिवेट कर दिया गया है। इससे परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम से बसों की लाइव लोकेशन और उनकी गति की पल-पल की निगरानी की जा सकेगी। साथ ही, हर बस में प्रशिक्षित चालक और परिचालक की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
रायबरेली को मिलेगा बड़ा फायदा
गंगा एक्सप्रेसवे का 79 किमी लंबा हिस्सा रायबरेली जिले से होकर गुजर रहा है। इससे न केवल रायबरेली से मेरठ और प्रयागराज की दूरी कम होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और उद्योग को भी नई गति मिलेगी। परिवहन विभाग की इन बसों के शुरू होने से आम जनता, विशेषकर नौकरीपेशा और छात्रों के लिए राजधानी लखनऊ और पड़ोसी जिले उन्नाव तक पहुंचना अब बेहद आसान और सस्ता हो जाएगा।
29 अप्रैल से बदल जाएगी तस्वीर
29 अप्रैल को जैसे ही प्रधानमंत्री इस एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे, यह मार्ग पूरी तरह जनता के लिए समर्पित कर दिया जाएगा। परिवहन विभाग की योजना है कि एक्सप्रेसवे की उच्च गति (120 किमी/घंटा) का लाभ उठाते हुए यात्रियों को कम समय में उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। बसों के संचालन को लेकर रूट मैप और समय-सारणी लगभग फाइनल हो चुकी है।