दुबई एयरपोर्ट पर फंसे पुणे के 84 MBA छात्र,एयरस्पेस बंद होने से उड़ानें रद्द, परिजनों में भारी चिंता
News India Live, Digital Desk: पुणे के एक मैनेजमेंट कॉलेज के छात्र अपने 'इंडस्ट्रियल टूर' (Industrial Visit) के लिए दुबई गए थे। वापसी के दौरान अचानक युद्ध छिड़ने और ईरान द्वारा मिसाइल हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से उड़ानें रोक दी गईं, जिससे ये छात्र वहीं फंस गए।
कैसे पैदा हुआ यह संकट?
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बाद जॉर्डन, इराक और लेबनान जैसे देशों ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) पूरी तरह बंद कर दिया है।
फ्लाइट कैंसिलेशन: छात्रों को जिस विमान से भारत लौटना था, उसे सुरक्षा कारणों से टेक-ऑफ की अनुमति नहीं मिली।
रूट डायवर्जन: कई अंतरराष्ट्रीय विमानों को बीच रास्ते से ही वापस मोड़ दिया गया या वैकल्पिक रूट न होने के कारण ग्राउंडेड कर दिया गया है।
एयरपोर्ट पर छात्रों का हाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कई घंटों से छात्र दुबई एयरपोर्ट के टर्मिनल पर ही समय बिता रहे हैं।
भोजन और विश्राम: एयरलाइन की ओर से उन्हें भोजन और पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन लंबे समय तक फंसे रहने और अनिश्चितता के कारण छात्रों में थकान और मानसिक तनाव बढ़ रहा है।
परिजनों की अपील: पुणे में रह रहे छात्रों के माता-पिता ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) से गुहार लगाई है कि उनके बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए 'स्पेशल फ्लाइट' का इंतजाम किया जाए।
भारतीय दूतावास सक्रिय (Action by MEA)
दुबई में स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास (Consulate General of India) इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
संपर्क में अधिकारी: दूतावास के अधिकारी कॉलेज प्रशासन और एयरलाइन के संपर्क में हैं।
वैकल्पिक मार्ग: छात्रों को दूसरे सुरक्षित हवाई मार्गों (जैसे मस्कट या दोहा के रास्ते) से भारत भेजने की संभावना तलाशी जा रही है।
ट्रैवल एडवाइजरी: भारत सरकार ने पहले ही भारतीयों को इजरायल और ईरान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है।
एविएशन सेक्टर पर बड़ा असर
मिडल ईस्ट संकट के कारण केवल पुणे के ये छात्र ही नहीं, बल्कि हजारों यात्री दुनिया भर के हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और विस्तारा जैसी भारतीय एयरलाइंस ने भी यूरोप जाने वाली अपनी उड़ानों के रूट बदल दिए हैं, जिससे यात्रा का समय 2 से 3 घंटे बढ़ गया है।